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Mandla News: CM मोहन यादव आदि उत्सव समापन कार्यक्रम में हुए शामिल, सामूहिक विवाह में भी किए शिरकत
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला
Published by: मंडला ब्यूरो
Updated Mon, 05 May 2025 08:42 PM IST
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सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले के रामनगर में आदि उत्सव समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, सामूहिक विवाह समारोह में भी शिरकत किए।
मोहन यादव सहित अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और प्रोत्साहन के उद्देश्य से आयोजित आदि उत्सव का भव्य समापन सोमवार को हुआ। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित हुए। समारोह में मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कई महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया और नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।
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मुख्यमंत्री का आगमन रामनगर के चौगान क्षेत्र में स्थित जनजाति समाज की पवित्र मढ़िया से हुआ, जहां उन्होंने विधिवत पूजन कर जनजातीय परंपराओं के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। इसके बाद वे ऐतिहासिक मोती महल पहुंचे, जहां उन्होंने महल की स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व का अवलोकन किया। मोती महल की भव्यता और विरासत से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री ने इसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
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डॉ. यादव इसके पश्चात शौर्य स्मारक पहुंचे, जहां उन्होंने गोंड राजवंश के अद्वितीय बलिदान और शौर्य को नमन किया। उन्होंने गोंड वीरों के इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की मिट्टी में जनजातीय गौरव की अमिट छाप है, जिसे युवा पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।
मुख्य समारोह स्थल पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और जनजातीय नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने रथ पर सवार होकर मंच तक की यात्रा की और आयोजन में सम्मिलित नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्रदान किया। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों ने भाग लिया, जिनके लिए यह आयोजन सामाजिक समरसता और सहयोग का प्रतीक बना।
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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदि उत्सव जैसे आयोजन जनजातीय संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू करने जा रही है, जिससे आदिवासी समाज का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। आदि उत्सव का यह समापन समारोह जनजातीय अस्मिता, संस्कृति और परंपरा के गौरवशाली प्रदर्शन का साक्षी बना, जो आने वाले वर्षों तक स्मरणीय रहेगा।

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