{"_id":"69a049496460c9ac890f8431","slug":"holika-dahan-will-be-held-on-march-2-dhulendi-on-march-3-mandsaur-news-c-1-1-noi1351-3994683-2026-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Holi 2026: मंदसौर में रंगोत्सव की तिथि का असमंजस खत्म, अब इस दिन ही खेली जाएगी होली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Holi 2026: मंदसौर में रंगोत्सव की तिथि का असमंजस खत्म, अब इस दिन ही खेली जाएगी होली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: मंदसौर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Feb 2026 07:22 PM IST
विज्ञापन
सार
मंदसौर में चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन की तारीख को लेकर मतभेद हैं। पशुपतिनाथ मंदिर के अनुसार 2 मार्च शाम प्रदोष काल में दहन होगा, जबकि गोवर्धननाथ मंदिर 3 मार्च सुबह दहन करेगा। पूरे मंदसौर में धुलेंडी 3 मार्च को मनाई जाएगी।
होली 2026 की सही तिथि
- फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
विस्तार
मंदसौर में होलिका दहन को लेकर ज्योतिषाचार्यों के अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। पशुपतिनाथ मंदिर के पुजारी कैलाश भट्ट का कहना है कि 2 मार्च को प्रदोष काल में होलिका दहन का मुहूर्त है। वहीं गोवर्धननाथ मंदिर में 3 मार्च की सुबह होलिका दहन किया जाएगा। जबकि धुलेंडी का पर्व तीन मार्च को ही मनाया जाएगा।
Trending Videos
चंद्रग्रहण के चलते इस बात होलिका दहन और धुलेंडी पर्व की तारीख को लेकर इस बार असमंजस बना हुआ है। होलिका दहन को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। हालांकि धुलेंडी पर्व तीन मार्च को ही मनाने की बात सामने आ रही है। पशुपतिनाथ मंदिर के पुजारी कैलाश भट्ट के अनुसार इस साल होलिका पूजन और दहन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 2 मार्च 2026, सोमवार शाम प्रदोष काल 5.30 से 6.30 के बीच किया जाएगा, वहीं पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय गोवर्धननाथ मंदिर के पुजारी विनयराज जोशी का कहना है कि गोवर्धननाथ मंदिर की होलिका का दहन 3 मार्च की सुबह 6.30 बजे परंपरा अनुसार पूजन अर्चन के साथ किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें-- भोपाल में होलिका दहन का सही समय तय,भद्रा और चंद्रग्रहण के बीच निकला शुभ मुहूर्त,4 मार्च को निकलेगा जुलूस
पंडित कैलाश भट्ट ने बताया कि शास्त्र के अनुसार धुलेंडी पर्व 3 मार्च को है, लेकिन इस दिन चंद्रग्रहण होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चंद्रग्रहण का सूतक 3 मार्च मंगलवार सुबह 9.45 बजे से शुरू होगा जो 3.19 तक रहेगा, दोपहर 3.20 से शाम 6:47 तक चन्द्र ग्रहण काल रहेगा। पंडित कैलाश भट्ट ने बताया कि धुलेंडी का पर्व चंद्र ग्रहण के सूतक काल में मनाया जा सकता है। पंडित कैलाश भट्ट ने बताया कि इस बार पूर्णिमा तिथि दो मार्च की शाम से शुरू हो रही है, इसलिए होलिका दहन भी दो मार्च की शाम को ही होगा। कुछ लोग सिर्फ कैलेंडर देखकर तारीख मान लेते हैं, जबकि त्योहार तिथि के हिसाब से मनाए जाते हैं। पंचांग के और तिथि के हिसाब से होलिका दहन 2 मार्च की शाम को ही होगा और धुलेंडी पर्व 3 मार्च को मनाया जाएगा।
बालाजी ग्रुप 3 को तो समरसता मंच पंचमी को निकलेगा गैर
होलिका दहन के दूसरे दिन धुलेंडी को जगह-जगह गैर का आयोजन किया जाता है। मंदसौर में भी 3 मार्च को महावीर फतेह करे बालाजी ग्रुप द्वारा रंगारंग गेर का आयोजन किया जाएगा। इस गैर में राधाकृष्ण की झांकी भी शामिल होगी। वहीं समरसता मंच द्वारा पंचमी को गैर का आयोजन किया जाएगा। पंचमी आठ मार्च को मनाई जाएगी।

कमेंट
कमेंट X