करणी सेना का प्रदर्शन: मंदसौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर आमरण अनशन पर बैठे, पुलिस ने किया गिरफ्तार
करणी सेना अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर पर एफआईआर के विरोध में मंदसौर में उग्र प्रदर्शन हुआ। समर्थकों ने एसपी कार्यालय का घेराव कर अनशन शुरू किया। झड़प, वाटर कैनन, पत्रकारों से मारपीट हुई। शेरपुर पर फिरौती, मारपीट, SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज, गिरफ्तारी वारंट जारी।
विस्तार
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर पर भावगढ़ थाने पर एफआईआर दर्ज होने के विरोध में शनिवार को मंदसौर में करणी सेना का उग्र प्रदर्शन हुआ। प्रदेशभर से जुटे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव किया और एफआईआर वापस लेने तथा जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए आमरण अनशन पर बैठ गए। हालांकि पुलिस न्यायालय के आदेश पर अड़ी रही और शेरपुर को न्यायालयीन प्रकरण में गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और करणी सेना समर्थकों के बीच झूमाझटकी भी हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। इस हंगामे के कारण एमआईटी चौराहा सहित अन्य मार्गों पर यातायात बाधित हुआ और स्कूल बसों समेत आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
करणी सेना परिवार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर और उनके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने भावगढ़ थाना क्षेत्र के बेहपुर गांव स्थित एक शराब ठेके पर पहुंचकर कर्मचारियों से हर महीने एक लाख रुपये की फिरौती मांगी। मना करने पर उनके साथ मारपीट कर जातिसूचक गालियां दी गईं। घटना 26 जून की है, और उसी दिन SC-ST एक्ट, फिरौती और मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। पीड़ित कर्मचारी ऋतिक के अनुसार, मारपीट में पुष्कर नामक साथी को गंभीर चोटें आईं जो अस्पताल में भर्ती है। पीड़ितों का आरोप है कि हमलावरों ने कहा कि वे जीवन सिंह शेरपुर के आदमी हैं।
ये भी पढ़ें- भोपाल में राष्ट्रीय ध्वज जलाने का वीडियो वायरल, कांग्रेस ने किया विरोध, सीएम से कार्रवाई की मांग
सात लोगों पर एफआईआर, शेरपुर फरार
एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि मामले में जीवन सिंह शेरपुर सहित सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज है। सभी आरोपी फरार हैं। कोर्ट ने जीवन सिंह शेरपुर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
शेरपुर बोले – यह राजनीतिक साजिश
मामले पर अपनी प्रतिक्रिया में जीवन सिंह शेरपुर ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन उन्हें झूठे मुकदमों में फंसा रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि वे आरोपियों को जानते हैं, लेकिन उनका इस घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है।
कानून की बात पर अड़े अफसर, नहीं माने समर्थक
एसपी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों ने शेरपुर से वार्ता की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर कार्रवाई आवश्यक है। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प शुरू हो गई, लेकिन शेरपुर ने एलान किया कि जब तक एफआईआर वापस नहीं होती और दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
ये भी पढ़ें- हमारी सरकार ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध, CM बोले- कांग्रेस सिर्फ भ्रम फैलाती है
मंदसौर, रतलाम और नीमच में दर्ज हैं केस
जानकारी के अनुसार जीवन सिंह शेरपुर पर मंदसौर, रतलाम और नीमच जिलों में पहले से 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि न्यायालयीन मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर जीवनसिंह शेरपुर को गिरफ्तार किया गया है। एक और प्रकरण जो दर्ज किया गया है उसकी जांच जारी है जिस तरह के तथ्य सामने आएंगे उस अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
मीडियाकर्मियों के साथ की मारपीट
प्रदर्शन के दौरान फायर फाइटर पर चढ़कर कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ वहां मौजूद करणी सैनिकों ने कवरेज करने से रोकते हुए मारपीट की। जिसके विरोध में पत्रकारों द्वारा वायडी नगर थाने पर आवेदन दिया गया व कार्यवाही की मांग की है।

करणी सैनिकों और पुलिस के बीच हुई झूमाझटकी

कमेंट
कमेंट X