सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Mandsaur News ›   Mandsaur MD Scandal NCB and police fail to trace associates of Haris and Premsukh

MD Scandal: हरिश और प्रेमसुख के साथियों का सुराग लगाने में NCB व पुलिस नाकाम, ये बने 15 दिन से अबूझ पहेली

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 23 Oct 2024 05:35 PM IST
विज्ञापन
सार

हरिश और प्रेमसुख के साथियों का सुराग लगाने में एनसीबी और पुलिस नाकाम दिख रही है। ओम पाटीदार, रबनवाज और शोएब लाला 15 दिन से अबूझ पहेली बने हुए हैं।

Mandsaur MD Scandal NCB and police fail to trace associates of Haris and Premsukh
आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राजधानी भोपाल में पकड़ी गई करोड़ों की एमडी ड्रग फैक्ट्री के मामले में मंदसौर के हरिश आंजना और प्रेमसुख पाटीदार एनसीबी की रिमांड पर हैं। लेकिन इनके नामजद साथी ओम पाटीदार, शोएब लाला और रबनवाज के बारे में पुलिस और एनसीबी बीते करीब 15 दिन से मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई जिलों की खाक छान चुकी है, पर अब तक इनके बारे में कोई सुराग नहीं मिला है।

Trending Videos


इनके आलावा राजस्थान और मध्यप्रदेश के आधा दर्जन अन्य ड्रग सप्लायरों की भी इस मामले में तलाश की जा रही है। ये भी पुलिस के लिए पहेली बने हुए हैं। ऐशोआराम का जीवन जीने वाले ड्रग कांड से जुड़े कुछ आरोपी तो दशकों बाद जांच एजेंसी की रडार पर आए हैं। बताया जाता है कि ये लंबे समय से नशे के कारोबार से जुड़े थे और अकूत दौलत कमा चुके हैं। लेकिन जांच एजेंसियां इनसे अंजान बनी रही। शायद ये ही कारण था कि प्रेमसुख, ओम के साथ क्षेत्र के कई युवा भी जुड़ गए। खुद अधिकारी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि ओम पाटीदार, शोएब और रबनवाज के पकड़े जाने के बाद कई सप्लायरों के नाम सामने आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच एजेंसियां भी कटघरे में
केंद्रीय जांच एजेंसी से लेकर प्रदेश की नारकोटिक्स विंग और पुलिस अधिकारी लंबे समय से जिले में तस्करों पर नकेल कसने के दावें करते रहे हैं। लेकिन इतने बड़े लेबल पर ड्रग का कारोबार करने वाले बदमाश जिले में ही पनाह लिए रहे, लेकिन किसी को कानों कान खबर तक नहीं हुई। खासकर एनसीबी, सीबीएन और प्रदेश में पुलिस की नारकोटिक्स विंग। इनका काम ही सिर्फ मादक पदार्थ तस्करों पर नकेल कसने का है। ऐसे में इनकी भूमिका की भी जांच होना चाहिए? इसमें खासकर विंग के अधिकारियों की इन बदमाशों के साथ गलबहियां की खबरें भी अब आम हो रही है।

करोड़ों की प्रापट्री का पता लगा चुकी है जांच टीमें
ड्रग कांड के प्रमुख आरोपी हरिश आंजना और प्रेमसुख पाटीदार के हाथ आने के बाद जांच एजेंसी इनकी प्रॉपर्टी के बारे में सुराग लगाने में जुट गई थी। अधिकारिक जानकारी के अनुसार, टीम के पास करोड़ों की प्रॉपर्टी की जानकारी आ गई है। जबकि प्रेमसुख गांव में पत्नी के आलावा मंदसौर में भी मकान लेकर एक अन्य महिला के साथ रह रहा था। ये गांव की पत्नी से पहले से इसके साथ है। मौज-मस्ती के लिए बनाए गए आलीशान मकान में ऐशोआराम की सारी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

लगातार जुटी हुई है टीमें
मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि ड्रग कांड में गिरफ्तार आरोपियों के साथियों के बारे में लगातार पुलिस टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही ये सभी गिरफ्त में होंगे। इसके आलावा इनसे जुड़े लोगों के बारे में भी टीमें जांच कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed