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MD Scandal: हरिश और प्रेमसुख के साथियों का सुराग लगाने में NCB व पुलिस नाकाम, ये बने 15 दिन से अबूझ पहेली
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 23 Oct 2024 05:35 PM IST
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सार
हरिश और प्रेमसुख के साथियों का सुराग लगाने में एनसीबी और पुलिस नाकाम दिख रही है। ओम पाटीदार, रबनवाज और शोएब लाला 15 दिन से अबूझ पहेली बने हुए हैं।
आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल में पकड़ी गई करोड़ों की एमडी ड्रग फैक्ट्री के मामले में मंदसौर के हरिश आंजना और प्रेमसुख पाटीदार एनसीबी की रिमांड पर हैं। लेकिन इनके नामजद साथी ओम पाटीदार, शोएब लाला और रबनवाज के बारे में पुलिस और एनसीबी बीते करीब 15 दिन से मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई जिलों की खाक छान चुकी है, पर अब तक इनके बारे में कोई सुराग नहीं मिला है।
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इनके आलावा राजस्थान और मध्यप्रदेश के आधा दर्जन अन्य ड्रग सप्लायरों की भी इस मामले में तलाश की जा रही है। ये भी पुलिस के लिए पहेली बने हुए हैं। ऐशोआराम का जीवन जीने वाले ड्रग कांड से जुड़े कुछ आरोपी तो दशकों बाद जांच एजेंसी की रडार पर आए हैं। बताया जाता है कि ये लंबे समय से नशे के कारोबार से जुड़े थे और अकूत दौलत कमा चुके हैं। लेकिन जांच एजेंसियां इनसे अंजान बनी रही। शायद ये ही कारण था कि प्रेमसुख, ओम के साथ क्षेत्र के कई युवा भी जुड़ गए। खुद अधिकारी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि ओम पाटीदार, शोएब और रबनवाज के पकड़े जाने के बाद कई सप्लायरों के नाम सामने आएंगे।
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जांच एजेंसियां भी कटघरे में
केंद्रीय जांच एजेंसी से लेकर प्रदेश की नारकोटिक्स विंग और पुलिस अधिकारी लंबे समय से जिले में तस्करों पर नकेल कसने के दावें करते रहे हैं। लेकिन इतने बड़े लेबल पर ड्रग का कारोबार करने वाले बदमाश जिले में ही पनाह लिए रहे, लेकिन किसी को कानों कान खबर तक नहीं हुई। खासकर एनसीबी, सीबीएन और प्रदेश में पुलिस की नारकोटिक्स विंग। इनका काम ही सिर्फ मादक पदार्थ तस्करों पर नकेल कसने का है। ऐसे में इनकी भूमिका की भी जांच होना चाहिए? इसमें खासकर विंग के अधिकारियों की इन बदमाशों के साथ गलबहियां की खबरें भी अब आम हो रही है।
करोड़ों की प्रापट्री का पता लगा चुकी है जांच टीमें
ड्रग कांड के प्रमुख आरोपी हरिश आंजना और प्रेमसुख पाटीदार के हाथ आने के बाद जांच एजेंसी इनकी प्रॉपर्टी के बारे में सुराग लगाने में जुट गई थी। अधिकारिक जानकारी के अनुसार, टीम के पास करोड़ों की प्रॉपर्टी की जानकारी आ गई है। जबकि प्रेमसुख गांव में पत्नी के आलावा मंदसौर में भी मकान लेकर एक अन्य महिला के साथ रह रहा था। ये गांव की पत्नी से पहले से इसके साथ है। मौज-मस्ती के लिए बनाए गए आलीशान मकान में ऐशोआराम की सारी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
लगातार जुटी हुई है टीमें
मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि ड्रग कांड में गिरफ्तार आरोपियों के साथियों के बारे में लगातार पुलिस टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही ये सभी गिरफ्त में होंगे। इसके आलावा इनसे जुड़े लोगों के बारे में भी टीमें जांच कर रही है।

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