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MP: रक्षक बना भक्षक, नाबालिग को कागजों पर बनाया 'जवान', फिर ढाया जुल्म; SI की गुंडागर्दी पर हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Tue, 21 Apr 2026 05:16 PM IST
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सार
मंदसौर की जनसुनवाई में अफजलपुर थाने के एसआई राजाराम वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि एसआई ने उनके नाबालिग बेटे को अवैध हिरासत में रखा और कागजों में उसकी उम्र 19 साल दिखाकर उसे बालिग करार दे दिया।
एसआई पर नाबालिग को अवैध हिरासत में रखने और मारपीट का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंदसौर जिले की पुलिस व्यवस्था उस समय सवालों के घेरे में आ गई जब मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार मीना की जनसुनवाई में एक परिवार ने पुलिसिया 'गुंडागर्दी' की दर्दनाक दास्तां सुनाई। अफजलपुर थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (SI) राजाराम वर्मा पर आरोप लगा है कि उन्होंने न केवल कानून की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि एक नाबालिग बच्चे को बालिग बताकर उसे बेरहमी से पीटा और मामले को दबाने के लिए पैसों की मांग की।
नाबालिग को '19 साल' का बताकर फंसाने की साजिश
जनसुनवाई में पहुँची गुर्जरबर्डिया निवासी भूरीबाई पति मोहन गुर्जर ने एसआई राजाराम वर्मा पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि पुलिसकर्मी ने उसके नाबालिग बेटे को अवैध रूप से हिरासत में रखा। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि पुलिस रिकॉर्ड में हेरफेर करते हुए नाबालिग बच्चे को '19 साल' का बालिग दिखाया गया ताकि उसे कानूनन फंसाया जा सके। यह सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन और कानूनी प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है।
मारपीट और भ्रष्टाचार के संगीन आरोप
पीड़ित परिवार ने एसपी को बताया कि हिरासत के दौरान बच्चे के साथ जमकर मारपीट की गई। वर्दी का खौफ दिखाकर परिवार को डराया गया और मामले को रफा-दफा करने के बदले एसआई द्वारा अवैध पैसों की मांग की गई। पीड़ित मां ने एसपी के सामने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि रक्षक ही अब भक्षक बन गए हैं और भ्रष्टाचार का यह खेल खुलेआम चल रहा है।
जनसुनवाई में आए इस गंभीर आवेदन को पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने तत्काल संज्ञान में लिया है। मामले की गंभीरता और पुलिस की छवि पर उठते सवालों को देखते हुए एसपी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में एसआई राजाराम वर्मा दोषी पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से अफजलपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर एक जिम्मेदार पद पर बैठा अधिकारी कैसे कानून को अपने हाथ में ले सकता है।
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नाबालिग को '19 साल' का बताकर फंसाने की साजिश
जनसुनवाई में पहुँची गुर्जरबर्डिया निवासी भूरीबाई पति मोहन गुर्जर ने एसआई राजाराम वर्मा पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि पुलिसकर्मी ने उसके नाबालिग बेटे को अवैध रूप से हिरासत में रखा। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि पुलिस रिकॉर्ड में हेरफेर करते हुए नाबालिग बच्चे को '19 साल' का बालिग दिखाया गया ताकि उसे कानूनन फंसाया जा सके। यह सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन और कानूनी प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है।
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मारपीट और भ्रष्टाचार के संगीन आरोप
पीड़ित परिवार ने एसपी को बताया कि हिरासत के दौरान बच्चे के साथ जमकर मारपीट की गई। वर्दी का खौफ दिखाकर परिवार को डराया गया और मामले को रफा-दफा करने के बदले एसआई द्वारा अवैध पैसों की मांग की गई। पीड़ित मां ने एसपी के सामने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि रक्षक ही अब भक्षक बन गए हैं और भ्रष्टाचार का यह खेल खुलेआम चल रहा है।
पढ़ें: 11 साल के मासूम का बेरहमी से कत्ल, घर के नीले ड्रम में छिपाया हुआ था शव; पूरे इलाके में दहशत
एसपी ने दिए जांच के आदेशजनसुनवाई में आए इस गंभीर आवेदन को पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने तत्काल संज्ञान में लिया है। मामले की गंभीरता और पुलिस की छवि पर उठते सवालों को देखते हुए एसपी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में एसआई राजाराम वर्मा दोषी पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से अफजलपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर एक जिम्मेदार पद पर बैठा अधिकारी कैसे कानून को अपने हाथ में ले सकता है।

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