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MP Weather News: मध्यप्रदेश के पश्चिम पर मानसून मेहरबान, पूर्वी हिस्सा बारिश को तरसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 23 Jul 2022 11:57 AM IST
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सार
मध्यप्रदेश से भले ही नदी-नालों में उफान की खबरें आ रही हो, हकीकत यह है कि राज्य का पूर्वी हिस्सा अब भी बारिश को तरस रहा है। प्रदेश के 51 में से 21 जिलों में बारिश कम हुई है।
मध्य प्रदेश राज्य का पूर्वी हिस्सा अब भी बारिश को तरस रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में जुलाई में मानसून अच्छा बरस रहा है। नर्मदा, ताप्ती और चंबल में उफान की खबरें भी आई, लेकिन हकीकत यह है कि मानसून सिर्फ पश्चिमी हिस्से पर ही मेहरबान रहा है। यहां बारिश 43 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। हालांकि, प्रदेश का पूर्वी हिस्सा बारिश को तरस रहा है। यहां सामान्य से 8 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश के 51 में से 21 जिलों में बारिश कम हुई है। नौ जिले तो ऐसे हैं जहां सामान्य से 22 से 61 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। ऐसे जिलों में रीवा, सतना, सीधी, पन्ना, टीकमगढ़, डिंडौरी, छतरपुर शामिल हैं। वहीं, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत 27 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। आलीराजपुर, झाबुआ, भिंड और दतिया ऐसे चार जिले हैं, जहां सामान्य से 34% तक कम पानी बरसा है। मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश को दो हिस्सों में बांटा हुआ है- पूर्वी और पश्चिमी। पश्चिम हिस्से में भोपाल, इंदौर समेत 31 जिले आते हैं। पूर्वी में जबलपुर, मंडला बालाघाट सहित 21 जिले आते हैं।
खंडवा पर मानसून मेहरबान
खंडवा में सबसे ज्यादा 112 प्रतिशत बारिश हुई है। यानी सामान्य से दोगुना है। वहीं, हरदा में 96%, बैतूल में 87%, भोपाल में 85%, बुरहानपुर में 80%, सीहोर में 63%, नर्मदापुरम और शाजापुर में 61-61%, विदिशा में 60% और आगर मालवा में 58% अधिक बारिश हुई है।
सीधी से इंद्रदेवता नाराज
प्रदेश के जिन जिलों में बारिश कम हुई है, उनमें सीधी की हालत सबसे खराब है। यहां सामान्य से 61% बारिश कम हुई है। इसी तरह रीवा में 51%, सतना में 48%, सिंगरौली में 44%, कटनी और पन्ना में 37-37%, टीकमगढ़ में 36%, उमरिया में 34%, डिंडौरी और छतरपुर में 30-30% कम बारिश हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात मौसम को कर रहे हैं प्रभावित
मौसम विभाग के एक्सपर्ट की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। उत्तरी पाकिस्तान पर चक्रवात के रूप में बना पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल प्रदेश पर सक्रिय हो गया है। झारखंड और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में मौजूद एक चक्रवात उत्तरी ओडिशा पर पहुंच गया है। मानसून ट्रफ गंगानगर, सीधी, अंबिकापुर, बालासोर से ओडिशा पर बने चक्रवात से होकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। हरियाणा पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। ये सभी मध्य्र प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।
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खंडवा पर मानसून मेहरबान
खंडवा में सबसे ज्यादा 112 प्रतिशत बारिश हुई है। यानी सामान्य से दोगुना है। वहीं, हरदा में 96%, बैतूल में 87%, भोपाल में 85%, बुरहानपुर में 80%, सीहोर में 63%, नर्मदापुरम और शाजापुर में 61-61%, विदिशा में 60% और आगर मालवा में 58% अधिक बारिश हुई है।
सीधी से इंद्रदेवता नाराज
प्रदेश के जिन जिलों में बारिश कम हुई है, उनमें सीधी की हालत सबसे खराब है। यहां सामान्य से 61% बारिश कम हुई है। इसी तरह रीवा में 51%, सतना में 48%, सिंगरौली में 44%, कटनी और पन्ना में 37-37%, टीकमगढ़ में 36%, उमरिया में 34%, डिंडौरी और छतरपुर में 30-30% कम बारिश हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात मौसम को कर रहे हैं प्रभावित
मौसम विभाग के एक्सपर्ट की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। उत्तरी पाकिस्तान पर चक्रवात के रूप में बना पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल प्रदेश पर सक्रिय हो गया है। झारखंड और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में मौजूद एक चक्रवात उत्तरी ओडिशा पर पहुंच गया है। मानसून ट्रफ गंगानगर, सीधी, अंबिकापुर, बालासोर से ओडिशा पर बने चक्रवात से होकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। हरियाणा पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। ये सभी मध्य्र प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।

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