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नर्मदापुरम: सीएमएचओ और लेखापाल रिश्वत लेते गिरफ्तार, बिल पास कराने के बदले मांगे थे 7 हजार रुपये
Mon, 02 May 2022 09:09 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 02 May 2022 09:09 PM IST
सार
भोपाल लोकायुक्त पुलिस ने नर्मदापुरम सीएमएचओ और लेखापाल को पांच हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इन्होंने 16 हजार का बिल पास कराने के ऐवज में सात हजार की घूस मांगी थी। दो हजार पहले ले चुके थे।
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सीएमएचओ और लेखापाल को पांच हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नर्मदापुरम सीएमएचओ और लेखापाल को पांच हजार की रिश्वत लेते भोपाल लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इन्होंने 16 हजार का बिल पास कराने के ऐवज में सात हजार की घूस मांगी थी। दो हजार पहले ले चुके थे।
जानकारी के अनुसार सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 मदन मोहन वर्मा ने शिकायत की थी। उसने लोकायुक्त को बयाया था कि पिछले दिनों हुए एक प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को भोजन की व्यवस्था की गई थी। उस भोजन व्यवस्था का 16 हजार का बिल बकाया था। मदन मोहन वर्मा का कहना है कि कई बार बिल पास कराने की गुहार लगाई थी, लेकिन सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मोजिस और लेखापाल भावना चौहान ने इसके बदले रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने बयाया कि वह 28 अप्रैल को दो हजार रुपये दे भी चुका था, पर दोनों पांच हजार और देने की मांग पर अड़े थे। कभी फाइल गुम होने तो कभी बिल मिलान की बात कहकर टाल रहे थे।
शिकायत की पड़ताल के बाद 11 सदस्यीय टीम ने दोनों को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सोमवार को रुपये लेकर भेजा गया। फरियादी ने जब सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मोजिस को तीन हजार और लेखापाल भावना चौहान को दो हजार रुपये दिए, लोकायुक्त पुलिस ने दबोच लिया।
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जानकारी के अनुसार सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 मदन मोहन वर्मा ने शिकायत की थी। उसने लोकायुक्त को बयाया था कि पिछले दिनों हुए एक प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को भोजन की व्यवस्था की गई थी। उस भोजन व्यवस्था का 16 हजार का बिल बकाया था। मदन मोहन वर्मा का कहना है कि कई बार बिल पास कराने की गुहार लगाई थी, लेकिन सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मोजिस और लेखापाल भावना चौहान ने इसके बदले रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने बयाया कि वह 28 अप्रैल को दो हजार रुपये दे भी चुका था, पर दोनों पांच हजार और देने की मांग पर अड़े थे। कभी फाइल गुम होने तो कभी बिल मिलान की बात कहकर टाल रहे थे।
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शिकायत की पड़ताल के बाद 11 सदस्यीय टीम ने दोनों को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सोमवार को रुपये लेकर भेजा गया। फरियादी ने जब सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मोजिस को तीन हजार और लेखापाल भावना चौहान को दो हजार रुपये दिए, लोकायुक्त पुलिस ने दबोच लिया।
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