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Narmadapuram: वन विभाग का बड़ा घोटाला, 116 सागौन पेड़ों की अवैध कटाई, अपने ही कर्मचारी निकले दोषी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
Published by: नर्मदापुरम ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 10:16 AM IST
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सार
नर्मदापुरम के बानापुरा रेंज की चिचवानी बीट में 116 सागौन पेड़ों की अवैध कटाई का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें वन विभाग के ही कर्मचारी शामिल पाए गए। कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को पिकअप वाहन में भरकर बेचा जा रहा था।
वन विभाग में हुआ बड़ा घोटाला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नर्मदापुरम जिले की बानापुरा रेंज की चिचवानी बीट से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन लोगों पर जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही कर्मचारी अवैध कटाई जैसे गंभीर अपराध में शामिल पाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सागौन के करीब 116 पेड़ों की अवैध कटाई करवाई गई। कटे हुए लकड़ी को डिपो के नाम पर पिकअप वाहन में भरकर बेचा गया। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल में कोई बाहरी माफिया नहीं, बल्कि विभाग के ही कर्मचारी शामिल थे। मामले का खुलासा होते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। जांच के लिए डीएफओ गौरव शर्मा, एसडीओ अनिल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर अवैध कटाई का बड़ा स्तर देखकर अधिकारी भी स्तब्ध रह गए।
जांच में कर्मचारियों पर शिकंजा
जांच के दौरान एसडीओ अनिल विश्वकर्मा ने सुखतवा सर्किल के नाकेदार महिपाल सिंह यादव, रूपेश साहू और दो चौकीदारों को पूछताछ के लिए बानापुरा रेंज कार्यालय बुलाया। पूछताछ में चौकीदारों ने वनरक्षकों के नाम उजागर किए, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
ये भी पढ़ें- ये कैसा इलाज?: झाड़फूंक के नाम पर महिला से मारपीट, लात-घूंसों से पिटती रही पत्नी और पति चुपचाप देखता रहा
जांच अधिकारी पर ही लगे मारपीट के आरोप
हालांकि, खुद को घिरता देख आरोपित वनरक्षकों ने जांच अधिकारी पर ही मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगा दिए। नाकेदार महिपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उन्हें गालियां दी गईं और डंडे से पीटा गया। उन्होंने सिवनीमालवा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, चौकीदारों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और बिजली का करंट देकर प्रताड़ित किया गया।
मामला उलझा, दोनों पक्षों पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और ज्यादा उलझा दिया है। एक तरफ अवैध कटाई का गंभीर आरोप है, तो दूसरी ओर जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। डीएफओ ने प्राथमिक जांच के आधार पर तीन वनरक्षकों को निलंबित कर दिया है और चौकीदारों को भी आरोपी बनाया गया है। उनका कहना है कि जो भी कर्मचारी इस अवैध कटाई में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जांच में कर्मचारियों पर शिकंजा
जांच के दौरान एसडीओ अनिल विश्वकर्मा ने सुखतवा सर्किल के नाकेदार महिपाल सिंह यादव, रूपेश साहू और दो चौकीदारों को पूछताछ के लिए बानापुरा रेंज कार्यालय बुलाया। पूछताछ में चौकीदारों ने वनरक्षकों के नाम उजागर किए, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
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जांच अधिकारी पर ही लगे मारपीट के आरोप
हालांकि, खुद को घिरता देख आरोपित वनरक्षकों ने जांच अधिकारी पर ही मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगा दिए। नाकेदार महिपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उन्हें गालियां दी गईं और डंडे से पीटा गया। उन्होंने सिवनीमालवा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, चौकीदारों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और बिजली का करंट देकर प्रताड़ित किया गया।
मामला उलझा, दोनों पक्षों पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और ज्यादा उलझा दिया है। एक तरफ अवैध कटाई का गंभीर आरोप है, तो दूसरी ओर जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। डीएफओ ने प्राथमिक जांच के आधार पर तीन वनरक्षकों को निलंबित कर दिया है और चौकीदारों को भी आरोपी बनाया गया है। उनका कहना है कि जो भी कर्मचारी इस अवैध कटाई में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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