छतरपुर में लापरवाही: जिंदा लोगों के बनाए गए मृत्यु प्रमाण पत्र, शिकायत के बाद गिरी गाज; पंचायत सचिव निलंबित
छतरपुर के चंद्रपुरा गांव में तीन जीवित लोगों को दस्तावेजों में मृत दिखाकर उनके नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। शिकायत के बाद जांच में मामला सही पाया गया, जिस पर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया।
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छतरपुर जिले के जनपद पंचायत गौरिहार अंतर्गत ग्राम पंचायत चंद्रपुरा में प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां तीन जीवित व्यक्तियों को दस्तावेजों में मृत घोषित कर उनके नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब ग्राम पंचायत चंद्रपुरा निवासी रामबाई रैकवार (पत्नी चुनवाद रैकवार), गिरजा विश्वकर्मा (पत्नी रामाधीन विश्वकर्मा) और कल्लू अहिरवार (पुत्र सुख्खा अहिरवार) ने 17 अप्रैल 2026 को जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे पूरी तरह जीवित हैं, इसके बावजूद उनके नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह कृत्य मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1996 के तहत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने ग्राम पंचायत चंद्रपुरा के सचिव अमर सिंह को मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत गौरिहार कार्यालय निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि में नियमानुसार संबंधित कर्मचारी को जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और अन्य पंचायतों में भी रिकॉर्ड की जांच की मांग उठने लगी है।

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