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रायसेन में लेटलतीफी से चली गई जान: तीन घंटे इंतजार के बाद पत्रकार ने तोड़ा दम; VIP ड्यूटी में लगी थी एंबुलेंस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
Published by: रायसेन ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 06:40 PM IST
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सार
रायसेन में सड़क हादसे में घायल पत्रकार दीपक सोनी की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त होने से समय पर नहीं मिली। देरी से इलाज के कारण जान चली गई।
सिस्टम की लापरवाही से नहीं मिली 3 घंटे तक एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायसेन जिला मुख्यालय के पास सांची रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल पेशे से पत्रकार दीपक सोनी ने शनिवार शाम इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने समय पर एंबुलेंस उपलब्ध न होने को मौत का बड़ा कारण बताया है।
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जानकारी के अनुसार, सांची निवासी पेशे से पत्रकार दीपक सोनी सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे। हादसे के तुरंत बाद उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने की सलाह दी, लेकिन यहीं से लापरवाही का सिलसिला शुरू हो गया। परिजनों का आरोप है कि करीब 2 से 3 घंटे तक अस्पताल परिसर में एंबुलेंस का इंतजार किया गया, लेकिन कोई भी वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। स्थिति बिगड़ती देख परिजन मजबूरन निजी वाहन से उन्हें भोपाल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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बताया जा रहा है कि घटना के समय जिले में एक बड़े वीआईपी कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। इसी कारण जिला अस्पताल की सभी एंबुलेंस उस कार्यक्रम की ड्यूटी में लगाई गई थीं। यही वजह रही कि गंभीर रूप से घायल मरीज को समय पर रेफर नहीं किया जा सका। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. यशपाल बालियान ने स्वीकार किया कि सभी एंबुलेंस वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त थीं और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था संभव नहीं हो पाई। उनका यह बयान अब स्वास्थ्य व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
घटना के बाद परिजनों ने नाराजगी जताते हुए इसे घोर लापरवाही करार दिया है। उनका कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद दीपक सोनी की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि शनिवार को रायसेन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दौरा था, जिसके चलते प्रशासनिक अमले के साथ एंबुलेंस सेवाएं भी वीआईपी ड्यूटी में लगी हुई थीं।

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