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Shahdol News: कोयला खदान में छत धंसने से दो मजदूरों की मौत, चार श्रमिक हुए घायल; बचाव कार्य जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 06:34 PM IST
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सार
एसईसीएल की बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। स्टॉपिंग वाल निर्माण कार्य के दौरान खदान की छत का हिस्सा ढहने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि चार ठेका मजदूर घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही खदान प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारी और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बचाव कार्य चल रहा है। पढ़ें पूरी खबर
गवार खदान में मौत बनकर गिरी चट्टान, राहत-बचाव अभियान जारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहडोल के धनपुरी थाना क्षेत्र में स्थित एसईसीएल के सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार को कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। खदान में स्टॉपिंग वाल निर्माण कार्य के दौरान अचानक छत का एक हिस्सा ढह जाने से दो मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, चार ठेका मजदूर घायल हो गए। वहीं, घायलों में प्रेम लाल विश्वकर्मा ,राजकुमार यादव, अमित यादव व अंजनी बैगा का नाम अभी सामने आया है।
मृतकों की पहचान बल्लू कोल और गोलू बैगा के रूप में हुई है। यह दुर्घटना दूसरी पाली में दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। उस समय मजदूर खदान के भीतर स्टॉपिंग वॉल निर्माण कार्य में लगे हुए थे। अचानक छत का हिस्सा गिरने से मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद खदान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देर शाम तक चार घायल मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि अन्य प्रभावित श्रमिकों को भी राहत दल की मदद से बाहर लाने का कार्य जारी रहा।
छत का कमजोर हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा
बताया जा रहा है कि मजदूर खदान के भीतर स्टॉपिंग वाल निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान छत का कमजोर हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। मिट्टी और चट्टानों के मलबे की चपेट में आने से कई मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद खदान के अंदर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना प्रबंधन को दी।
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गंभीर घायलों को किया गया रेफर
घटना की जानकारी मिलते ही खदान प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। खदान के भीतर फंसे मजदूरों को सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। मौके पर मौजूद चिकित्सा दल ने कुछ घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की।
ये भी पढ़ें- MP: ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए ओंकारेश्वर आएंगी राष्ट्रपति मुर्मू, निमाड़ में उत्साह का माहौल; तैयारियां तेज
कार्यस्थल की संरचनात्मक स्थिति की जांच शुरू
घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से केंद्रीय चिकित्सालय बुढ़ार तथा जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ मजदूरों की हालत स्थिर है, जबकि कुछ को निगरानी में रखा गया है।
हादसे के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था, वेंटिलेशन सिस्टम और कार्यस्थल की संरचनात्मक स्थिति की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर छत के कमजोर हिस्से के धंसने को हादसे का कारण माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन द्वारा घटना के कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। घटना ने एक बार फिर भूमिगत खदानों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतकों की पहचान बल्लू कोल और गोलू बैगा के रूप में हुई है। यह दुर्घटना दूसरी पाली में दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। उस समय मजदूर खदान के भीतर स्टॉपिंग वॉल निर्माण कार्य में लगे हुए थे। अचानक छत का हिस्सा गिरने से मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद खदान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देर शाम तक चार घायल मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि अन्य प्रभावित श्रमिकों को भी राहत दल की मदद से बाहर लाने का कार्य जारी रहा।
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छत का कमजोर हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा
बताया जा रहा है कि मजदूर खदान के भीतर स्टॉपिंग वाल निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान छत का कमजोर हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। मिट्टी और चट्टानों के मलबे की चपेट में आने से कई मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद खदान के अंदर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना प्रबंधन को दी।
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गंभीर घायलों को किया गया रेफर
घटना की जानकारी मिलते ही खदान प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। खदान के भीतर फंसे मजदूरों को सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। मौके पर मौजूद चिकित्सा दल ने कुछ घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की।
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कार्यस्थल की संरचनात्मक स्थिति की जांच शुरू
घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से केंद्रीय चिकित्सालय बुढ़ार तथा जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ मजदूरों की हालत स्थिर है, जबकि कुछ को निगरानी में रखा गया है।
हादसे के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था, वेंटिलेशन सिस्टम और कार्यस्थल की संरचनात्मक स्थिति की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर छत के कमजोर हिस्से के धंसने को हादसे का कारण माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन द्वारा घटना के कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। घटना ने एक बार फिर भूमिगत खदानों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम।

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