Ratlam News: प्रेमिका की हत्या करने पर प्रेमी को उम्रकैद, पत्थरों से सिर कुचलकर उतारा था मौत के घाट
राजस्थान बॉर्डर के पास प्रेमिका की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी नारायण को दोषी ठहराते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास और धारा 201 में तीन वर्ष की सजा सुनाई। साक्ष्यों के आधार पर हत्या सिद्ध हुई, जबकि बलात्कार के आरोप से आरोपी को दोषमुक्त किया गया।
राजस्थान बॉर्डर के पास प्रेमिका की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी नारायण को दोषी ठहराते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास और धारा 201 में तीन वर्ष की सजा सुनाई। साक्ष्यों के आधार पर हत्या सिद्ध हुई, जबकि बलात्कार के आरोप से आरोपी को दोषमुक्त किया गया।
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न्यायालय ने राजस्थान बॉर्डर के पास आपसी विवाद में प्रेमिका की हत्या के बहुचर्चित मामले में दोषी पाए जाने पर 25 वर्षीय आरोपी नारायण पिता उदिया, निवासी ग्राम कुंडालपाड़ा (बोरदा), को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा धारा 201 के तहत तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों धाराओं में क्रमशः 5 हजार और 1 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर ने सुनाया।
अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी ने बताया कि 23 अक्टूबर 2021 को सुबह करीब 9 बजे राजस्थान बॉर्डर के पास रतलाम जिले के सरवन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुंडालपाड़ा (बोरदा) के जंगल में एक अज्ञात महिला का शव मिला था। पुलिस ने शव का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसके बाद मृतका के परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की। मृतका बांसवाड़ा (राजस्थान) जिले के एक गांव की निवासी थी।
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जांच में सामने आया कि मृतका और आरोपी नारायण के बीच प्रेम संबंध थे। 22 अक्टूबर 2021 की शाम करीब 6 बजे नारायण ने मृतका को फोन कर ग्राम घोड़ी तेजपुर बुलाया। वहां से वह नाश्ते के लिए चार कचौरी लेकर मृतका को बाइक पर बैठाकर दानपुर होते हुए ग्राम कुंडालपाड़ा के जंगल में ले गया। दोनों बबूल के पेड़ के नीचे पत्थरों की मेड के पास बैठे, जहां बातचीत के दौरान उनके बीच शारीरिक संबंध बने।
कुछ समय बाद मृतका ने नारायण से कहा कि वह उसके साथ रहना चाहती है और घर नहीं जाना चाहती। नारायण ने बताया कि वह शादीशुदा है और उसे अपने घर नहीं ले जा सकता। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके दौरान नारायण ने पास पड़े पत्थर से मृतका के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पहचान छिपाने के उद्देश्य से आरोपी ने पत्थर से मृतका का चेहरा कुचल दिया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302, 201 और 376 के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
अपर लोक अभियोजक ने बताया कि अभियोजन ने प्रमाणित किया कि आरोपी और मृतका के बीच मोबाइल पर लगातार बातचीत होती थी। 22 अक्टूबर 2021 को मृतका शाम करीब 6 बजे आरोपी के साथ बाइक पर गई थी। सीडीआर के अनुसार आरोपी ने मृतका से 49 बार बातचीत की थी और दोनों की लोकेशन घटना के दिन घोड़ी तेजपुर व दानपुर क्षेत्र में पाई गई। डीएनए रिपोर्ट में आरोपी और मृतका के कपड़ों पर समान रक्त पाया गया। चिकित्सकीय रिपोर्ट में मृतका के चेहरे पर गंभीर चोटें प्रमाणित हुईं। 22 अक्टूबर 2021 के बाद मृतका जीवित नहीं देखी गई।
इन साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को हत्या का दोषी माना। मृतका के बालिग होने और सहमति के आधार पर आरोपी को धारा 376 के अपराध से दोषमुक्त किया गया। शासन की ओर से मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी ने की।

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