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अंबिकापुर रेल हादसा: संजय गांधी ताप विद्युत गृह में कोयला अनलोडिंग पर गंभीर सवाल, ठेका एजेंसी पर कार्रवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया Published by: उमरिया ब्यूरो Updated Wed, 04 Feb 2026 02:14 PM IST
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सार

अंबिकापुर के पास वही मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें कुछ वैगन पटरी से उतर गए और कोयला बिखर गया। घटना से ठेका एजेंसी राधा चेन्नई पर जुर्माने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन पारदर्शिता और तकनीकी चूक या सुनियोजित खेल को लेकर सवाल बरकरार हैं।

ambikapur train accident sanjay gandhi thermal power station coal unloading controversy
अंबिकापुर रेल हादसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उमरिया जिले के मंगठार स्थित संजय गांधी ताप विद्युत गृह एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला कोयला आपूर्ति और अनलोडिंग से जुड़ा है, जिसमें नए तरह के घोटाले की आशंका जताई जा रही है। एसईसीएल द्वारा भेजी गई कोयले से लदी मालगाड़ी के साथ हुई घटना ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक 30 जनवरी, शुक्रवार को लगभग चार हजार मीट्रिक टन कोयला लेकर एक मालगाड़ी संजय गांधी ताप विद्युत गृह पहुंची। आरोप है कि इस मालगाड़ी से पूरा कोयला प्लांट में अनलोड नहीं किया गया, लेकिन रिकॉर्ड में इसे पूरी तरह अनलोड दिखाकर उसी रात मालगाड़ी को बाहर भेज दिया गया।
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अंबिकापुर के पास दुर्घटना और मामला उजागर

यह मामला तब सामने आया जब वही मालगाड़ी अंबिकापुर के पास दर्रीटोला क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इंजन से जुड़े शुरुआती तीन वैगन पटरी से उतर गए, जिनमें से एक वैगन पूरी तरह पलट गया। पलटे वैगन से बड़ी मात्रा में कोयला ट्रैक पर बिखर गया, जिससे कई घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा। इसी से सवाल उठे कि अगर कोयला पूरा अनलोड हो चुका था, तो वैगनों में बचा हुआ कोयला कैसे रह गया।
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लो-ग्रेड कोयले की संभावना

घटना के बाद प्लांट के भीतर चर्चाएं तेज हो गईं कि कहीं हाई-ग्रेड के नाम पर लो-ग्रेड कोयला तो नहीं मंगवाया जा रहा। साथ ही, पूरा कोयला न उतरवाकर ठेका एजेंसी को अनुचित लाभ पहुंचाने की भी आशंका जताई जा रही है। एसई-वन वी.के.एस. बघेल के अनुसार, दुर्घटनास्थल पर करीब साढ़े चार मीट्रिक टन कोयला बिखरा मिला। उनका कहना है कि संभवत वैगन की तकनीकी स्थिति ठीक न होने के कारण कोयला अंदर फंसा रह गया। हालांकि यह सफाई सभी को संतुष्ट नहीं करती।

ठेका एजेंसी पर कार्रवाई

अनलोडिंग का काम देख रही ठेका कंपनी राधा चेन्नई को रिकवरी और जुर्माने के लिए नोटिस जारी किया गया है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी पर लगभग दो लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है, जिसे उसके भुगतान से काटा जाएगा। हैरानी की बात यह है कि इस रेल हादसे और उससे हुए नुकसान की जानकारी समय पर पॉवर जनरेशन कंपनी के शीर्ष अधिकारियों तक नहीं पहुंची। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



तकनीकी चूक या सुनियोजित खेल?

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक तकनीकी चूक थी या फिर कोयला सप्लाई और अनलोडिंग के नाम पर सुनियोजित खेल खेला जा रहा था। जांच आगे बढ़ने पर ही सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल यह घटना संजय गांधी ताप विद्युत गृह में चल रही व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल छोड़ गई है।
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