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MP: सुरक्षा अलर्ट के बीच नितिन गडकरी के काफिले के सामने पहुंचे तीन युवक, पुलिस जांच में सामने आया सच
Fri, 10 Jul 2026 02:48 PM IST
रतलाम ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रतलाम
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Published by: रतलाम ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 02:48 PM IST
सार
रतलाम में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के काफिले के सामने तीन ग्रामीणों के आने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पुलिस जांच में पता चला कि तीनों युवक रोज की तरह अपने बच्चों को सड़क पार कर स्कूल छोड़ने जा रहे थे और उन्हें वीआईपी मूवमेंट की जानकारी नहीं थी।
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गडकरी के काफिले के सामने आए युवक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के काफिले के सामने तीन ग्रामीणों के आने का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। शुरुआती तौर पर इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना गया, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों युवक अपने बच्चों को एक्सप्रेस-वे पार कर स्कूल छोड़ने जा रहे थे और उन्हें वीआईपी मूवमेंट की जानकारी नहीं थी। घटना में कोई हादसा नहीं हुआ और पुलिस ने तीनों से पूछताछ कर उन्हें समझाइश देकर छोड़ दिया।
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काफिले के सामने आए तीन युवक, पुलिस ने शुरू की जांच
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार सुबह रतलाम से झाबुआ की ओर जा रहे थे। उनका काफिला शिवगढ़ ब्रिज के पास पहुंचा ही था कि कुछ ग्रामीण और बच्चे अचानक सड़क पर आ गए। वीडियो में कुछ युवक हाथ देकर वाहनों को रोकने का इशारा करते नजर आए, जिससे कुछ देर के लिए सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। हालांकि काफिले में शामिल वाहनों ने दूसरी लेन से निकलकर स्थिति को संभाल लिया और कोई दुर्घटना नहीं हुई।
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पुलिस जांच में सामने आई वजह
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि सड़क पर मौजूद तीनों युवक ग्राम निमकोपाड़ा (पलसोड़ी) निवासी पंच शांतिलाल भाभर (32), दिनेश भाभर (30) और नंदलाल भाभर (30) थे। युवकों ने बताया कि उनका गांव एक्सप्रेस-वे के एक ओर है, जबकि बच्चों का स्कूल दूसरी तरफ स्थित है। वे रोज की तरह बच्चों को सड़क पार कराकर स्कूल छोड़ने जा रहे थे। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसी समय केंद्रीय मंत्री का काफिला वहां से गुजरने वाला है। उन्होंने वाहनों को रोकने के लिए हाथ दिया था ताकि बच्चों को सुरक्षित सड़क पार करा सकें।
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पुलिस ने दी समझाइश
पुलिस अधिकारियों ने तीनों ग्रामीणों से पूछताछ के बाद उन्हें वीआईपी मूवमेंट के दौरान सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश दी। साथ ही स्थानीय स्तर पर बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए भी समन्वय करने की बात कही गई। रतलाम ग्रामीण एएसपी विवेक कुमार लाल ने बताया कि तीनों लोग अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए सड़क पार करा रहे थे। उन्हें वीआईपी काफिले की जानकारी नहीं थी और मौके पर किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।
ग्रामीण ने बताया- रोज बच्चों को छोड़ने जाता हूं
ग्राम पंचायत पलसोड़ी के पंच शांतिलाल भाभर ने बताया कि उनका घर एक्सप्रेस-वे के पास है और बच्चों का सरकारी स्कूल दूसरी तरफ है। वह रोज अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते हैं। घटना वाले दिन भी वह बच्चों के साथ सड़क पार कर रहे थे। अचानक कई वाहन तेजी से निकलने लगे। उन्हें यह पता नहीं था कि यह केंद्रीय मंत्री का काफिला है। बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद वह वापस घर लौट आए।
हादसा टला, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हालांकि पुलिस ने इस मामले में किसी साजिश से इनकार किया है, लेकिन घटना ने एक बार फिर वीआईपी मूवमेंट के दौरान एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय लोगों के सुरक्षित आवागमन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
