Mahakumbh Traffic: एमपी से प्रयागराज जाने पर इन बैरिकेड्स पर रोका जा सकता है वाहन, निकलने से पहले जान लें
सोमवार दोपहर तक एमपी सीमा के अंदर जाम की स्थिति नहीं है। फिर भी करीब 30 मिनट का ठहराव जरूरी है। अगर आप जबलपुर से आगे बढ़ते हैं तो कटनी के पहले पिपरोद में पहला प्वाइंट पड़ता है।
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अगर आप मध्यप्रदेश से प्रयागराज कुंभ स्नान के लिए सड़क के रास्ते जा रहे हैं तो आपको ये जानना जरूरी हो जाता है कि कहां पर आपको रोका जा सकता है। उत्तर प्रदेश की सीमा से पहले मध्यप्रदेश में करीब सात जगहों पर बैरिकेड्स प्वाइंट बनाए गए हैं। ये वो जगहें हैं, जहां पर शासन की तरफ से खाने का इंतजाम भी किया गया है।
जाम की स्थिति नहीं होने पर यहां यात्रियों को ठहरकर भोजन करने के लिए पुलिस वाले कह रहे हैं। इससे करीब 30 से एक घंटे तक वाहनों को रोका जा सकता है। वाहनों का दबाव उत्तर प्रदेश सीमा पर जब ज्यादा हो जाता है तो ठहराव का समय बढ़ भी सकता है। बताया जा रहा है कि सोमवार को दोपहर तक एमपी सीमा के अंदर जाम की स्थिति नहीं है। फिर भी करीब 30 मिनट का ठहराव जरूरी है। अगर आप जबलपुर से आगे बढ़ते हैं तो कटनी के पहले पिपरोद में पहला प्वाइंट पड़ता है।जहां पर पुलिस के जवान आपको रोक सकते हैं। इसके बाद कटनी के पास चाका में दूसरी जगह बैरिकेड्स लगे हुए हैं। यहां पर भंडारे की व्यवस्था है।
इस पड़ाव को पार कर लेने के बाद मैहर तक जाम की स्थिति नहीं बनी तो आप अमरपाटन तक पहुंच जाएंगे। यहां पर भी बैरिकेड्स लगे हुए हैं। यहां पर ठहराव बढ़ सकता है, क्योंकि आप उत्तर प्रदेश सीमा के ज्यादा नजदीक पहुंच जाते हैं। अमरपाटन पार कर लेने के बाद रीवा जिले में आप पहुंच जाते हैं।
रीवा में जाम की स्थिति कभी भी बन सकती है। क्योंकि यहां पर यूपी से सूचना आती है कि कितने वाहनों को आगे बढ़ाना है। उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश पुलिस आपसी समन्वय से परिस्थितियों को नियंत्रित करते हैं। वैसे रीवा में कटरा और सोहागी पर बैरिकेड्स पाइंट बनाए गए हैं। सोहागी का क्षेत्र पहाड़ी है। यहां से चाकघाट यानि उत्तर प्रदेश की सीमा बहुत कम रह जाती है। इसलिए यहां पर भी जाम की स्थिति होने पर लंबे समय तक रोका जा सकता है। अगर आप सोहागी और चाकघाट को पार गए तो आपकी एंट्री उत्त प्रदेश में हो जाती है, जहां से प्रयागराज की दूरी कम है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़, प्रशासन मुस्तैद
रीवा जिले में श्रद्धालुओं की भारी संख्या में आमद के चलते प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। संभागीय कमिश्नर बीएस जामोद, डीआईजी साकेत प्रकाश पाण्डेय, कलेक्टर प्रतिभा पाल समेत अन्य अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पिछले दो दिनों से श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कई जगह जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी को असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं
प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह टेंट लगाए गए हैं। जहां वे विश्राम कर सकते हैं। खाने-पीने की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही मेडिकल स्टॉफ भी तैनात है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है और सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। संभागीय कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है।
तीन स्थानों पर वाहनों का नियंत्रण
रीवा जिले में भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मनगवां, कटरा और सोहागी में वाहनों को रोका जा रहा है, जिससे प्रयागराज में यातायात बाधित न हो। वाहनों को 6-7 घंटे बाद धीरे-धीरे छोड़ा जा रहा है। स्थिति पर निगरानी रखने के लिए रीवा कलेक्टर और संभागीय कमिश्नर स्वयं मौजूद हैं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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