रीवा की टमस नदी बनी मौत का जाल: दोस्त को बचाने कूदा युवक; दोनों की डूबकर मौत, गहरे गड्ढों ने छीनी दो जिंदगियां
रीवा की टमस नदी में नहाने के दौरान 19 वर्षीय कुणाल मिश्रा गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने कूदे 18 वर्षीय विशेष मिश्रा भी डूब गए। रेस्क्यू अभियान में दोनों के शव मिले। स्थानीय लोगों ने खनन से बने गहरे गड्ढों को हादसे की वजह बताया।
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रीवा जिले में स्थित टमस नदी रविवार को एक दर्दनाक हादसे की गवाह बन गई। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के भारत नगर निवासी एक ही परिवार के छह सदस्य गौरा स्थित टमस नदी में नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे ने नदी में बने गहरे गड्ढों और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, 19 वर्षीय कुणाल मिश्रा नहाते समय अचानक नदी के गहरे हिस्से में पहुंच गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए 18 वर्षीय विशेष मिश्रा बिना देर किए नदी में कूद पड़ा, लेकिन पानी की अधिक गहराई के कारण वह भी खुद को नहीं बचा सका। देखते ही देखते दोनों युवक नदी में समा गए। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
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शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन कुणाल और विशेष का काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिला। बाद में चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान दोनों के शव नदी से बरामद कर लिए गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां पहले पत्थरों के खनन के लिए ब्लास्टिंग की जाती थी। ब्लास्टिंग के कारण नदी के भीतर कई गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो पानी भर जाने के बाद दिखाई नहीं देते। यही गड्ढे हर साल हादसों की वजह बन रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे खतरनाक स्थानों को चिन्हित करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश की चाकघाट पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंच गई। चूंकि घटनास्थल दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित है, इसलिए क्षेत्राधिकार तय करने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
यह हादसा केवल दो युवकों की मौत नहीं, बल्कि नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था की कमी और खनन से बने खतरनाक गड्ढों की अनदेखी की भी दर्दनाक तस्वीर है। समय रहते ऐसे स्थानों की पहचान कर सुरक्षा उपाय किए जाएं तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
