{"_id":"6a2d734a52b607d6b80555f5","slug":"food-minister-takes-action-against-adulteration-in-wheat-procurement-assistant-supply-officer-suspended-sagar-news-c-1-1-noi1338-4391262-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sagar: गेहूं खरीदी में मिलावट पर खाद्य मंत्री का बड़ा एक्शन, सहायक आपूर्ति अधिकारी निलंबित; इनपर भी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sagar: गेहूं खरीदी में मिलावट पर खाद्य मंत्री का बड़ा एक्शन, सहायक आपूर्ति अधिकारी निलंबित; इनपर भी कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:15 PM IST
विज्ञापन
सार
मामले पर सख्त लहजे में बात करते हुए खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी मेहनत और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
सागर जिले में गेहूं खरीदी में बड़ी गड़बड़ी और लापरवाही का मामला सामने आने के बाद सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। गंभीरिया स्थित एक वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों में भारी मात्रा में मिट्टी मिलाए जाने की पुष्टि होने पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बड़ी कार्रवाई की है। मंत्री के निर्देश पर कलेक्टर ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर तत्काल गाज गिरा दी है। मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। वहीं, जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल को सागर जिले के प्रभार से हटाकर भोपाल मुख्यालय अटैच करने के आदेश जारी किए गए हैं।
बोरियों में गेहूं की जगह भरी थी मिट्टी
यह पूरा मामला गंभीरिया के लक्ष्मी नगर स्थित देव प्रभाकर हाउस (वेयरहाउस) का है। यहां उपार्जन के दौरान गेहूं की बोरियों में भारी मात्रा में मिट्टी मिलाने की शिकायत मिली थी। प्रशासनिक जांच में प्रारंभिक तौर पर ही बोरियों में गेहूं के स्थान पर अत्यधिक मिट्टी पाए जाने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने संबंधित स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (प्रकरण) दर्ज करा दी है।
पढ़ें: दो डंपरों के बीच फंसी स्कॉर्पियो में लगी आग, बाहर भी नहीं निकलने सके; दो जिंदा जले
विज्ञापन
अन्य विभागों के कर्मचारी भी रडार पर
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि खाद्य विभाग के अलावा उपार्जन प्रक्रिया से जुड़े अन्य जिन भी विभागों के अधिकारियों या कर्मचारियों की इस फर्जीवाड़े में भूमिका है, उनकी विस्तृत जांच की जाए। जांच में दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अन्नदाता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: खाद्य मंत्री
मामले पर सख्त लहजे में बात करते हुए खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी मेहनत और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही या भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों या संस्थाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बोरियों में गेहूं की जगह भरी थी मिट्टी
यह पूरा मामला गंभीरिया के लक्ष्मी नगर स्थित देव प्रभाकर हाउस (वेयरहाउस) का है। यहां उपार्जन के दौरान गेहूं की बोरियों में भारी मात्रा में मिट्टी मिलाने की शिकायत मिली थी। प्रशासनिक जांच में प्रारंभिक तौर पर ही बोरियों में गेहूं के स्थान पर अत्यधिक मिट्टी पाए जाने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने संबंधित स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (प्रकरण) दर्ज करा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़ें: दो डंपरों के बीच फंसी स्कॉर्पियो में लगी आग, बाहर भी नहीं निकलने सके; दो जिंदा जले
अन्य विभागों के कर्मचारी भी रडार पर
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि खाद्य विभाग के अलावा उपार्जन प्रक्रिया से जुड़े अन्य जिन भी विभागों के अधिकारियों या कर्मचारियों की इस फर्जीवाड़े में भूमिका है, उनकी विस्तृत जांच की जाए। जांच में दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अन्नदाता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: खाद्य मंत्री
मामले पर सख्त लहजे में बात करते हुए खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी मेहनत और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही या भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों या संस्थाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
