MP News: सागर BMC में मरीज की मौत पर बवाल, नर्स पर लापरवाही का आरोप; डीन ने किया सस्पेंड
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के आईसीयू में भर्ती 58 वर्षीय देवेंद्र पाठक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात नर्स ईयरफोन लगाकर काम कर रही थी और उसने एक ही इंजेक्शन दो मरीजों को लगा दिया, जिससे मरीज की हालत बिगड़ गई।
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बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के आईसीयू वार्ड में मंगलवार सुबह एक संदिग्ध कैंसर मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात नर्स कान में ईयरफोन लगाकर गाने सुन रही थी और उसने कथित तौर पर एक ही इंजेक्शन दो अलग-अलग मरीजों को लगा दिया, जिससे मरीज की हालत बिगड़ गई।
डीन ने नर्स को किया सस्पेंड, जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएमसी के डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने संबंधित नर्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
10 दिन पहले ही की गई थी शिकायत
मृतक की पहचान इतवारी टौरी निवासी 58 वर्षीय देवेंद्र पाठक के रूप में हुई है। उन्हें गले में गांठ की शिकायत के बाद बीएमसी में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने इस घटना से करीब 10 दिन पहले ही बीएमसी डीन और गोपालगंज थाने में शिकायत देकर मरीज की जान को खतरा होने की आशंका जताई थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इस पर कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया।
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ईयरफोन लगाकर काम करने का आरोप
परिजनों के अनुसार 12 जून की शाम अस्पताल स्टाफ ने बाहर से 'आर्टासिल' इंजेक्शन मंगवाया था। उस समय वार्ड में ड्यूटी कर रही नर्स कथित रूप से कान में ईयरफोन लगाए हुए थी। परिजनों का आरोप है कि नर्स ने लापरवाही करते हुए एक ही इंजेक्शन से देवेंद्र पाठक और वार्ड में भर्ती दूसरे मरीज को दवा दे दी।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत
परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद दोनों मरीजों की हार्ट बीट और पल्स रेट तेजी से गिर गई। डॉक्टरों ने करीब 15 से 20 मिनट तक मरीज को सीपीआर दिया, जिसके बाद उनकी सांसें तो वापस आ गईं, लेकिन देवेंद्र पाठक को होश नहीं आया।इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया और फिर आईसीयू में शिफ्ट किया गया। मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई
बीएमसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार देवेंद्र पाठक निजी जांच केंद्र से सीटी स्कैन कराकर अस्पताल पहुंचे थे, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अस्पताल में उनके गले की जांच और बायोप्सी की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई।अस्पताल प्रशासन का कहना है कि परिजनों द्वारा जिस 'आर्टासिल' इंजेक्शन का जिक्र किया जा रहा है, उसका उपयोग सामान्य रूप से मांसपेशियों को आराम पहुंचाने के लिए किया जाता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने बताया कि इलाज के दौरान ईयरफोन लगाने और लापरवाही बरतने के प्राथमिक आरोपों के आधार पर संबंधित नर्स को सस्पेंड किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीन के अनुसार जांच समिति की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस और अस्पताल प्रबंधन आगे की सख्त कार्रवाई करेगा।
पीएम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल गोपालगंज थाना पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस घटना के बाद एक बार फिर बीएमसी की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, मरीजों की सुरक्षा और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
