जमीन खरीद को लेकर सियासत: कांग्रेस का आरोप- मोहन यादव ने CM बनने के बाद खरीदी 111 एकड़ जमीन, भाजपा का पलटवार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार की कथित जमीन खरीद को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदने के आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच और श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक साजिश बताया है।
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विस्तार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पवन खेड़ा और जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर जमीन खरीद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं ने इस पूरे मामले को सिर्फ राज्य का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व का विषय बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक वीडियो जारी कर कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
पवन खेड़ा और जीतू पटवारी ने उठाए सवाल
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार ने उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी है। पवन खेड़ा और जीतू पटवारी ने कहा कि यह मामला केवल जमीन खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था भी जुड़ी हुई है। कांग्रेस नेताओं ने अपने बयान में अयोध्या में चंदा चोरी और उज्जैन में महालूट जैसे जुमलों का भी इस्तेमाल किया।
पवन खेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव ने अपने परिवार के साथ मिलकर 168 एकड़ जमीन खरीदी। आरोप है कि इनमें से 111 एकड़ जमीन उस क्षेत्र में खरीदी गई, जहां भविष्य में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस क्षेत्र को लेकर वर्ष 2035 के मास्टर प्लान पर काम होना है, वहां मुख्यमंत्री के परिवार ने जमीन खरीदी है।
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परिवार पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार की जमीन खरीद को लेकर श्वेतपत्र जारी किया जाए। पार्टी का कहना है कि जनता के सामने पूरी जानकारी रखी जानी चाहिए ताकि सभी तथ्यों की पारदर्शी जांच हो सके।
प्रधानमंत्री से भी पूछा सवाल
पवन खेड़ा ने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आकर देश को सच्चाई बतानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री से किसी कार्रवाई की उम्मीद नहीं है। पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश में मेलोडी और देश में झालमूड़ी खाएंगे, जबकि उनके मुख्यमंत्री जमीन और दान का सोना-चांदी निगल जाएंगे।
पवन खेड़ा ने उठाए सवाल
पवन खेड़ा ने कहा कि आदर्श हाउसिंग सोसाइटी प्रकरण में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की सास के नाम पर फ्लैट होने के आरोप लगे थे, तब उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन मोहन यादव से जुड़े मामले में मीडिया पूरी तरह खामोश है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया था, लेकिन वहां भी मुख्यमंत्री लंबे समय तक पद पर बने रहे। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में भी अब वैसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इन मामलों पर कार्रवाई न होने के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि अयोध्या से जुड़े विवादित मामलों में भी उन्हीं लोगों के नाम सामने आते रहे हैं, इसलिए जवाबदेही तय नहीं हो रही है।
कांग्रेस ने उठाए पांच बड़े सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार की कथित जमीन खरीद को लेकर कई सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने जमीन खरीदी, क्या खरीदी गई जमीन का बड़ा हिस्सा उन इलाकों में है जहां बाद में विकास परियोजनाएं आईं, क्या सरकार इन सभी परियोजनाओं की टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी, यदि सब कुछ पारदर्शी है तो क्या भाजपा स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी और क्या मुख्यमंत्री वर्ष 2023 के बाद उनके परिवार द्वारा खरीदी गई जमीन पर श्वेत पत्र जारी करेंगे।
"30 घंटे बाद भी नहीं मिला कोई जवाब"
जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की प्रदेश इकाई से इन सवालों पर सार्वजनिक जवाब मांगा था, लेकिन 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा इन सवालों का जवाब नहीं दे रही है तो इससे संदेह पैदा होता है और ऐसा लगता है कि पूरे मामले में कुछ न कुछ गड़बड़ी है। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा का पूरा तंत्र इस कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है और पार्टी जवाब देने से बच रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अयोध्या में चंदा चोरी और महाकाल में जमीन लूट भाजपा का नया मॉडल बन गया है, जिसे जनता के सामने उजागर करना जरूरी है।
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कांग्रेस ने उठाए कई सवाल
जीतू पटवारी ने पूछा कि आखिर 500 करोड़ रुपये की जमीन केवल 1 रुपये में क्यों दी गई, यदि इस मामले को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट गलत है तो अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं कराई गई, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से जमीन के मुद्दे पर सवाल पूछे गए तो जवाब जाति के आधार पर क्यों दिया गया, मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के परिवार द्वारा तेजी से खरीदी गई जमीनों के लिए पैसा कहां से आया और क्या इन जमीनों का पूरा विवरण जनता के सामने नहीं रखा जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े कथित जमीन और विकास परियोजना मामले को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी किन कंपनियों को विकास परियोजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला, क्या सरकार संबंधित क्षेत्रों के मास्टर प्लान में हुए बदलावों को सार्वजनिक करेगी, क्या जिन इलाकों में परियोजनाएं प्रस्तावित की गईं वहां पहले से जमीन रखने वाले किसानों को इसकी जानकारी थी, और क्या मुख्यमंत्री स्वयं आगे आकर पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की पहल करेंगे। जीतू पटवारी ने कहा कि विकास परियोजनाओं, जमीन खरीद और मास्टर प्लान से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि जनता के सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके और किसी भी तरह की शंका की स्थिति समाप्त हो।
हेमंत खंडेलवाल ने आरोपों को बताया निराधार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का भाजपा ने मंगलवार रात जवाब दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक वीडियो जारी कर कांग्रेस के दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
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जमीन में कोई बदलाव नहीं हुआ: भाजपा
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि वर्ष 2023 में नामांकन दाखिल करते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पर 17 एकड़ जमीन दर्ज थी और आज भी उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव के नाम पर 12.29 एकड़ जमीन थी, जिसमें भी वर्ष 2026 तक किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस बिना तथ्यों के राजनीतिक आरोप लगाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
मोहन यादव के बचाव में उतरे अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. मोहन यादव के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ही अपने मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। अखिलेश ने कहा कि यदि जमीन खरीद को लेकर मोहन यादव पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर जमीन से जुड़े मामलों की जांच होनी चाहिए।
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बीजेपी तीन मुख्यमंत्रियों को बदलना चाहती है: अखिलेश
सपा प्रमुख ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है क्योंकि डॉ. मोहन यादव पहले से रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े रहे हैं और इस तथ्य की जानकारी बीजेपी को भी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह सब पहले से ज्ञात था, तो अब इसे मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने तीन मुख्यमंत्रियों को बदलने का रास्ता तलाश रही है और इसी वजह से इस तरह के आरोप सामने लाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री पर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।
