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Satna News: सुरांगी कुपोषण मौत मामल में एनएचएम की बड़ी कार्रवाई, स्वास्थ्य विभाग के छह अधिकारियों को नोटिस

Thu, 04 Jun 2026 08:52 AM IST
सतना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: सतना ब्यूरो Updated Thu, 04 Jun 2026 08:52 AM IST
सार

सतना जिले के सुरांगी गांव में कुपोषण से पीड़ित बच्ची की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य स्तरीय जांच रिपोर्ट के आधार पर एनएचएम ने जिला और ब्लॉक स्तर के छह अधिकारियों को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। जांच में स्वास्थ्य सेवाओं, निगरानी व्यवस्था और जिला अस्पताल के लेबर रूम में गंभीर लापरवाही सामने आई है।

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Surangi Malnutrition Death Case: NHM Takes Action; Notices Issued to 6 Health Department Officials
कुपोषण पर कार्यवाही

विस्तार

सतना जिले के सुरांगी गांव में गंभीर कुपोषण से पीड़ित मासूम बच्ची की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने जिला और ब्लॉक स्तर के छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनएचएम की अपर मिशन संचालक दिशा प्रणय नागवंशी ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) राकेश कर्ष, मझगवां बीएमओ डॉ. रूपेश सोनी, डीसीएम डॉ. ज्ञानेश मिश्रा, बीसीएम देवमुनी पटेल सहित संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों से सात दिन के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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जानकारी के अनुसार सुरांगी गांव निवासी विमला प्रजापति के दो बच्चे सुप्रांशी और नैतिक अप्रैल माह में गंभीर कुपोषण की श्रेणी में चिन्हित किए गए थे। दोनों बच्चों को उपचार के लिए पहले मझगवां अस्पताल और बाद में जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सुप्रांशी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचा और भोपाल से विशेष जांच टीम को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में कई कमियां और निगरानी व्यवस्था में लापरवाही सामने आई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
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जिला अस्पताल के लेबर रूम में भी मिलीं गंभीर खामियां
सिर्फ कुपोषण मामले में ही नहीं, बल्कि जिला अस्पताल के लेबर रूम के निरीक्षण में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। 29 और 30 अप्रैल को राज्य स्तरीय टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था, जहां लेबर रूम में लगे एसी बंद पाए गए। नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए बनाए गए न्यूबॉर्न केयर कॉर्नर भी संचालित नहीं मिल सके। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि नर्सिंग स्टाफ रेडियंट वॉर्मर जैसे जरूरी उपकरणों का सही उपयोग नहीं कर पा रहा था। कई उपकरणों और दीवारों पर धूल जमी हुई थी, जिससे साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।


प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर को भी जारी हुआ नोटिस
जांच रिपोर्ट में सामने आई खामियों को गंभीर मानते हुए जिला अस्पताल के लेबर रूम की प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 15 दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा टीम ने एक ऐसे मामले को भी दर्ज किया, जिसमें एक प्रसूता को प्रसव के बाद 48 घंटे तक लेबर रूम में ही रखा गया था, जो निर्धारित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के विपरीत माना जा रहा है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
सुरांगी में कुपोषण से हुई मासूम की मौत और उसके बाद जांच में सामने आई खामियों ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें नोटिस प्राप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के जवाब तथा विभाग द्वारा आगे की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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