MP Board Result: मजदूर के बेटे श्लोक प्रजापति ने रचा इतिहास, विज्ञान संकाय के गणित विषय में किया प्रदेश टॉप
MP Board Result: सीहोर के छात्र श्लोक प्रजापति ने 12वीं विज्ञान (मैथ्स) में 98.6% अंक लाकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। मजदूर पिता के बेटे श्लोक ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत से यह मुकाम पाया और अब उनका सपना आईएएस बनकर समाज की सेवा करना है।
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सीहोर के होनहार छात्र श्लोक प्रजापति ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन के सामने हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है। मजदूर पिता के बेटे श्लोक ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। उनकी यह सफलता आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
नूतन हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र श्लोक प्रजापति ने अपनी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जो लाखों छात्रों का सपना होता है। 12वीं बोर्ड परीक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उन्होंने मध्य प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। 500 में से 493 अंक लाकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई और उनके घर में जश्न का माहौल बन गया।
मजदूर पिता का संघर्ष, बेटे की बड़ी जीत
श्लोक की सफलता के पीछे उनके पिता विनोद प्रजापति का संघर्ष छिपा है, जो पेशे से मजदूर और पंप ऑपरेटर हैं। सीमित आय के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। मां कविता प्रजापति ने भी हर कदम पर बेटे का हौसला बढ़ाया। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
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आईएएस बनने का सपना, समाज सेवा का लक्ष्य
श्लोक केवल टॉपर बनकर ही नहीं रुके हैं, बल्कि उनके सपने इससे कहीं बड़े हैं। वे आगे चलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना चाहते हैं और कलेक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
निरंतर मेहनत बनी सफलता की कुंजी
श्लोक ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि उन्होंने नियमित रूप से 4 से 5 घंटे पढ़ाई की और कभी हार नहीं मानी। स्कूल के अलावा घर पर भी उन्होंने पूरी लगन से अध्ययन किया। उन्हें विश्वास था कि वे मेरिट सूची में स्थान जरूर बनाएंगे, लेकिन प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना उनके लिए भी सुखद आश्चर्य रहा। उनका मानना है कि मेहनत और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
पहले भी दिखा चुके हैं प्रतिभा का जलवा
यह पहली बार नहीं है जब श्लोक ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हो। इससे पहले 10वीं बोर्ड परीक्षा में भी उन्होंने 97.6 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश की टॉप-10 सूची में 7वां स्थान प्राप्त किया था। लगातार दूसरी बार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि उनकी सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत का परिणाम है।
परिवार और स्कूल का मिला पूरा साथ
तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर के श्लोक को परिवार और स्कूल दोनों का भरपूर समर्थन मिला। उनकी बड़ी बहन इच्छा एमबीए कर रही हैं, जबकि छोटा भाई तनुष पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। स्कूल के संचालक और शिक्षकों ने भी श्लोक की मेहनत और लगन की सराहना की। उनका कहना है कि श्लोक शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है और उसकी सफलता पूरे स्कूल के लिए गर्व की बात है।

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