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MP News: क्या है ग्रीन शिवरात्रि? कुबेरेश्वरधाम में बड़े स्तर पर हो रही तैयारी, खास रहेगा रुद्राक्ष महोत्सव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Tue, 27 Jan 2026 11:21 AM IST
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सार

Kubereshwar Dham Rudraksh Mahotsav 2026 : सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक रुद्राक्ष महोत्सव “ग्रीन शिवरात्रि” थीम पर होगा। महाशिवरात्रि पर एक करोड़ पौधारोपण होगा। भव्य पंडाल, निशुल्क भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और परिवहन की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। 

What is Green Shivratri Kya Hai: Sehore Rudraksha Mahotsav Preparation at Kubereshwar Dham
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम पर हो रही तैयारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीहोर जिला मुख्यालय की पावन भूमि पर स्थित कुबेरेश्वर धाम इस वर्ष एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 14 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला रुद्राक्ष महोत्सव इस बार विशेष रूप से “ग्रीन शिवरात्रि” की अवधारणा के साथ मनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित प्रदीप मिश्रा ने इसे केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक अभियान बताया है। 15 फरवरी, महाशिवरात्रि के पावन दिन, विठलेश सेवा समिति के माध्यम से देश-विदेश में एक ही दिन में एक करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जो अपने आप में एक कीर्तिमान होगा।

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पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा शिवभक्ति का अनूठा संदेश
पंडित प्रदीप मिश्रा ने मीडिया को बताया भगवान शिव केवल देवों के देव ही नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के भी आराध्य हैं। आज जब पूरी दुनिया प्रदूषण और जलवायु संकट से जूझ रही है, तब शिवरात्रि को पर्यावरण से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने घर के भीतर या बाहर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी तस्वीर साझा करें, जिसे कथा के दौरान टीवी चैनलों पर भी दिखाया जाएगा। “एक लोटा जल शिवलिंग पर और एक लोटा जल पेड़-पौधों को अर्पित करने से ही धरती हरी-भरी रह सकती है,” यह संदेश ग्रीन शिवरात्रि की आत्मा बनेगा।
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भव्य पंडाल में डेढ़ लाख श्रद्धालु एक साथ करेंगे कथा श्रवण
इस बार रुद्राक्ष महोत्सव की भव्यता पहले से कई गुना अधिक होगी। कुबेरेश्वर धाम परिसर में लगभग 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट में विशाल और पक्के पंडाल का निर्माण किया गया है, जहां एक साथ लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु बैठकर कथा का श्रवण कर सकेंगे। पहले जहां सीमित स्थान और अस्थायी व्यवस्थाएं होती थीं, वहीं अब दिव्यता और सुविधा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रवेश, निकास और बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है।

निशुल्क भोजन, स्वास्थ्य व्यवस्था, पांच रुपए में मिलेगी पानी की बॉटल
श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धाम समिति ने इस बार 10 एकड़ में विशाल भोजनशाला का निर्माण किया है। जहां पहले भोजन के लिए एक ही लाइन लगती थी, अब चार अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं ताकि भक्तों को लंबा इंतजार न करना पड़े। भोजन पूर्णतः निशुल्क और स्वास्थ्यवर्धक रहेगा। वहीं एक लीटर पानी की बोतल मात्र पांच रुपए में उपलब्ध कराई जाएगी। चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए कुबेरेश्वर धाम से रेलवे स्टेशन तक लगभग 20 अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं, जिनमें एम्बुलेंस, नर्स और प्राथमिक उपचार की पूरी व्यवस्था रहेगी।

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महोत्सव के दौरान चलेंगी नई ट्रेनें, ऑटो का किराया भी निर्धारित
रुद्राक्ष महोत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसे देखते हुए रेलवे विभाग से समन्वय कर विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। ये ट्रेनें महोत्सव के एक सप्ताह पहले से लेकर एक सप्ताह बाद तक चलेंगी और अधिक स्टॉपेज के साथ संचालित होंगी। जिन ट्रेनों का ठहराव केवल 2-5 मिनट का होता था, उनके समय में भी वृद्धि की गई है। छोटे व्यापारियों और ऑटो-मिनी बस संचालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए धाम समिति स्वयं बसों का संचालन नहीं करेगी, बल्कि प्रशासन द्वारा किराया निर्धारित किया गया है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 256 कैमरों से निगरानी
किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए कुबेरेश्वर धाम परिसर में 256 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही मंदिर प्रांगण में कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु आसानी से भ्रमण कर सकें और वाहनों की आवाजाही भी सुचारू रहे। मोबाइल नेटवर्क की समस्या से निपटने के लिए अस्थायी मोबाइल टावर भी लगाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में संपर्क बना रहे।

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वृद्ध और असहाय श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा
इस वर्ष रुद्राक्ष महोत्सव में वृद्ध, अस्वस्थ और चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए विशेष एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसी एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें सीधे कथा स्थल तक पहुंचाया जाएगा। कतारों के पास भी चिकित्सा केंद्र बनाए जा रहे हैं ताकि किसी भी भक्त को अचानक अस्वस्थता होने पर तुरंत उपचार मिल सके। यह व्यवस्था धाम समिति की संवेदनशीलता और सेवा भाव को दर्शाती है।

17 फरवरी को आएंगे बागेश्वरधाम सरकार
सात दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन अलग-अलग संतों का आगमन होगा, ताकि एक दिन में अत्यधिक भीड़ न हो। 17 फरवरी को विशेष रूप से बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न दिनों में देश के मंत्री और विशिष्ट अतिथि भी कथा में शामिल होंगे। रुद्राक्ष महोत्सव न केवल आस्था का संगम बनेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का भी सशक्त संदेश देगा।

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