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सीहोर: नर्मदा में रेत के अवैध उत्खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार, 14 नाव-इंजन और पनडुब्बी मशीन जब्त
Fri, 23 Oct 2026 06:42 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 06:42 PM IST
सार
सीहोर में नर्मदा नदी से रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छिपानेर, रानीपुरा और चौरसाखेड़ी से 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी मशीन जब्त की। जब्त उपकरण गोपालपुर थाने को सौंपे गए। अब आगे की वैधानिक कार्रवाई पर नजर है।
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खनिज विभाग ने की छापेमारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीहोर जिले के भैरूंदा क्षेत्र स्थित नर्मदा नदी में रेत उत्खनन की गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए खनिज विभाग ने छिपानेर, रानीपुरा और चौरसाखेड़ी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी मशीन जब्त की है। रेत निकालने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की एक साथ हुई जब्ती से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। विभाग ने जब्त सामग्री गोपालपुर थाने को सौंप दी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कार्रवाई के बाद आगे की वैधानिक प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है और रेत उत्खनन से जुड़ी गतिविधियों पर कितना प्रभावी अंकुश लग पाता है।
तीन क्षेत्रों में कार्रवाई
खनिज विभाग ने छिपानेर, रानीपुरा और चौरसाखेड़ी क्षेत्र में रेत उत्खनन के लिए उपयोग किए जा रहे उपकरणों को निशाने पर लिया। कार्रवाई के दौरान 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी मशीन जब्त की गई। रेत निकालने के काम में इस्तेमाल होने वाले इन उपकरणों की जब्ती को विभाग की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
15 उपकरण जब्त, गोपालपुर थाने को सौंपी सामग्री
कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी मशीन को गोपालपुर थाने के सुपुर्द किया गया। इस कार्रवाई में कुल 15 उपकरण जब्त किए गए हैं। माइनिंग अधिकारी राजकुमार बराठे के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में रेत उत्खनन की गतिविधियों को लेकर खनिज विभाग ने यह कार्रवाई की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी, जब्ती से संबंधित प्रकरणों की संख्या या आगे की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
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नर्मदा के प्राकृतिक स्वरूप पर अवैध उत्खनन का खतरा
नर्मदा नदी क्षेत्र में अनियंत्रित रेत उत्खनन केवल खनिज संपदा का मामला नहीं है, बल्कि इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप, तटों और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। नदी क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध उत्खनन की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निगरानी, नियमित निरीक्षण और उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है।
कार्रवाई के बाद अब निगरानी और जवाबदेही की चुनौती
खनिज विभाग की इस कार्रवाई से रेत उत्खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर कार्रवाई का संदेश जरूर गया है, लेकिन इसका स्थायी असर लगातार निगरानी और नियमों के प्रभावी पालन पर निर्भर करेगा। क्षेत्र में यदि नियमों के विरुद्ध उत्खनन की गतिविधियां सामने आती हैं, तो उनकी जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करना महत्वपूर्ण होगा।
अब आगे की वैधानिक कार्रवाई पर नजर
छिपानेर, रानीपुरा और चौरसाखेड़ी में हुई इस कार्रवाई के बाद अब आगे की वैधानिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जब्त उपकरणों के संबंध में जांच और संबंधित नियमों के तहत होने वाली कार्रवाई से मामले की अगली दिशा स्पष्ट होगी। फिलहाल, खनिज विभाग की कार्रवाई ने भैरूंदा क्षेत्र में नर्मदा से रेत उत्खनन की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर निगरानी और सख्ती की जरूरत को सामने ला दिया है।
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तीन क्षेत्रों में कार्रवाई
खनिज विभाग ने छिपानेर, रानीपुरा और चौरसाखेड़ी क्षेत्र में रेत उत्खनन के लिए उपयोग किए जा रहे उपकरणों को निशाने पर लिया। कार्रवाई के दौरान 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी मशीन जब्त की गई। रेत निकालने के काम में इस्तेमाल होने वाले इन उपकरणों की जब्ती को विभाग की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
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15 उपकरण जब्त, गोपालपुर थाने को सौंपी सामग्री
कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी मशीन को गोपालपुर थाने के सुपुर्द किया गया। इस कार्रवाई में कुल 15 उपकरण जब्त किए गए हैं। माइनिंग अधिकारी राजकुमार बराठे के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में रेत उत्खनन की गतिविधियों को लेकर खनिज विभाग ने यह कार्रवाई की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी, जब्ती से संबंधित प्रकरणों की संख्या या आगे की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
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नर्मदा के प्राकृतिक स्वरूप पर अवैध उत्खनन का खतरा
नर्मदा नदी क्षेत्र में अनियंत्रित रेत उत्खनन केवल खनिज संपदा का मामला नहीं है, बल्कि इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप, तटों और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। नदी क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध उत्खनन की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निगरानी, नियमित निरीक्षण और उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है।
कार्रवाई के बाद अब निगरानी और जवाबदेही की चुनौती
खनिज विभाग की इस कार्रवाई से रेत उत्खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर कार्रवाई का संदेश जरूर गया है, लेकिन इसका स्थायी असर लगातार निगरानी और नियमों के प्रभावी पालन पर निर्भर करेगा। क्षेत्र में यदि नियमों के विरुद्ध उत्खनन की गतिविधियां सामने आती हैं, तो उनकी जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करना महत्वपूर्ण होगा।
अब आगे की वैधानिक कार्रवाई पर नजर
छिपानेर, रानीपुरा और चौरसाखेड़ी में हुई इस कार्रवाई के बाद अब आगे की वैधानिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जब्त उपकरणों के संबंध में जांच और संबंधित नियमों के तहत होने वाली कार्रवाई से मामले की अगली दिशा स्पष्ट होगी। फिलहाल, खनिज विभाग की कार्रवाई ने भैरूंदा क्षेत्र में नर्मदा से रेत उत्खनन की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर निगरानी और सख्ती की जरूरत को सामने ला दिया है।
