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Sehore News: साइबर ठगी के लिए बैंक खाते किराए पर लेने वाला गिरफ्तार, छह राज्यों तक पहुंची शिकायतों की कड़ी
Thu, 13 Aug 2026 08:41 AM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 08:41 AM IST
सार
सीहोर पुलिस ने म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले कथित मुख्य आरोपी सुंदर लाल अहिरवार को गिरफ्तार किया। आरोपी लोगों को पैसों का लालच देकर खाते खुलवाकर पासबुक, एटीएम और बैंकिंग जानकारी हासिल करता था। जांच में 4.93 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन और छह राज्यों में शिकायतें सामने आई हैं।
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फ़ाइल फ़ोटो
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विस्तार
साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सीहोर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले कथित मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई से साइबर अपराध के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। आरोपी की पहचान सुंदर लाल अहिरवार पिता तुलसीराम अहिरवार (47) निवासी संजय कॉलोनी, मंडी सीहोर के रूप में हुई है।
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पैसों का लालच देकर खुलवाता था बैंक खाते
नगर पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा के अनुसार आरोपी लोगों को रुपये देने का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद संबंधित खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, ई-बैंकिंग की जानकारी, पासवर्ड सहित बैंकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण साधन अपने कब्जे में ले लेता था। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था।
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खाते पर ब्लॉक-होल्ड लगा तो सामने आया खेल
मामला तब सामने आया जब साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के बाद संबंधित बैंक खाते पर साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से ब्लॉक और होल्ड लगाया गया। इसके बाद खातेधारक को पता चला कि उसके बैंक खाते में 2 लाख 18 हजार 800 रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ है। खातेधारक ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
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493600 रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा
पुलिस की अब तक की जांच में महाराष्ट्र बैंक के संबंधित म्यूल अकाउंट में कुल 4 लाख 93 हजार 600 रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चला है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर अवैध लेन-देन की रकम और बढ़ सकती है। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और साइबर ट्रांजेक्शन की कड़ियों को खंगाल रही है।
छह राज्यों तक पहुंची शिकायतों की कड़ी
जांच में यह भी सामने आया है कि उक्त म्यूल अकाउंट के विरुद्ध हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में भी शिकायतें दर्ज हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि खाते का इस्तेमाल एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क द्वारा किया गया हो सकता है। मामले में अन्य आरोपियों और हैंडलरों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
अन्य हैंडलरों की तलाश में दबिश
पुलिस टीम आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ उसके संपर्कों, बैंक खातों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों और हैंडलरों की पहचान के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश की कार्रवाई जारी है। पुलिस का फोकस इस नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने और साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों को कानून के शिकंजे में लाने पर है।
एसपी के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे एवं नगर पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा के नेतृत्व में थाना कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने की। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है तथा सामने आ रहे प्रत्येक डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्य को जांच में शामिल किया जा रहा है।
सीहोर पुलिस ने आम नागरिकों से स्पष्ट अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर या पैसों के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड अथवा नेट बैंकिंग की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न सौंपें। ऐसा करना व्यक्ति को अनजाने में म्यूल अकाउंट होल्डर और साइबर अपराध की कड़ी बना सकता है। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की है।
