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Seoni News: पेंच टाइगर रिजर्व में मादा बाघ शावक की मौत, बीमारी और पुरानी चोट बनी वजह

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी Published by: सिवनी ब्यूरो Updated Tue, 27 Jan 2026 08:18 AM IST
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सार

पेंच टाइगर रिजर्व की अरी बफर रेंज में 5–6 माह की मादा बाघ शावक की बीमारी से मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में निमोनिया, कमजोरी और पिछले पैर की पुरानी चोट सामने आई। वन विभाग के प्रयासों के बावजूद शावक को बचाया नहीं जा सका। 

Female tiger cub dies, illness, chronic injury in Pench Tiger Reserve
पेंच टाइगर रिजर्व बाघ शावक की मौत की खबर सामने आई है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पेंच टाइगर रिजर्व की अरी बफर रेंज से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां लगभग 5–6 महीने की एक मादा बाघ शावक की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार शावक निमोनिया, अत्यधिक कमजोरी और पिछले पैर में पुरानी चोट से जूझ रही थी। वन विभाग ने उसे बचाने और उसकी मां से मिलाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

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मां से मिलाने की थी कोशिश
वन अधिकारियों के मुताबिक, कुछ दिन पहले गश्ती दल को अरी बफर क्षेत्र में यह शावक बेहद कमजोर हालत में दिखाई दी थी। कैमरा ट्रैप फुटेज की जांच में सामने आया कि उसी इलाके में एक बाघिन अपने चार शावकों के साथ मूवमेंट कर रही थी। संभावना जताई गई कि यह शावक उसी बाघिन का बच्चा है और किसी कारणवश उससे बिछड़ गई है।
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इसी उम्मीद में वन विभाग ने शावक को तुरंत रेस्क्यू करने के बजाय पहले उसे उसी क्षेत्र में सुरक्षित निगरानी के बीच छोड़ दिया, ताकि वह खुद अपनी मां के पास लौट सके। लेकिन अगले ही दिन वह फिर उसी स्थान के आसपास मिली और उसकी हालत पहले से ज्यादा नाजुक नजर आई।

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रेस्क्यू के बाद भी नहीं बच सकी जान
स्थिति गंभीर देखते हुए वन विभाग की टीम ने शावक को पिंजरे में सुरक्षित रेस्क्यू किया। उसे भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया तथा एआई कैमरों और फील्ड स्टाफ की मदद से लगातार निगरानी रखी गई। पशु चिकित्सकों की टीम ने उपचार शुरू किया, लेकिन शावक की शारीरिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। आखिरकार सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।

पोस्टमॉर्टम में बीमारी की पुष्टि
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा ने शावक का पोस्टमॉर्टम किया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वह गंभीर निमोनिया से ग्रस्त थी। साथ ही उसके पिछले बाएं पैर में पुरानी चोट के निशान भी मिले। डॉक्टरों का मानना है कि बीमारी और पैर की चोट के कारण वह ठीक से चल-फिर नहीं पा रही होगी, जिससे वह अपनी मां और अन्य शावकों के साथ तालमेल नहीं बिठा सकी। संभवतः इसी वजह से वह समूह से अलग हो गई।

NTCA नियमों के तहत अंतिम संस्कार
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर की मौजूदगी में शावक का सम्मानपूर्वक भस्मीकरण किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और दस्तावेजीकरण भी किया गया। वन विभाग अब इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि बफर क्षेत्रों में वन्यजीवों की नियमित मॉनिटरिंग जारी है ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में और तेजी से हस्तक्षेप किया जा सके।

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