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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Supreme Court grants bail to suspended SDOP Pooja Pandey in hawala robbery case22-year-old woman

MP: सुप्रीम कोर्ट से SDOP पूजा पांडे को राहत, हवाला डकैती केस में मिली जमानत; जेल में बच्चे संग रह रही थीं

Mon, 18 May 2026 05:23 PM IST
सिवनी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी Published by: सिवनी ब्यूरो Updated Mon, 18 May 2026 05:23 PM IST
सार

सिवनी के चर्चित हवाला डकैती कांड में मुख्य आरोपी और निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे को सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई। अदालत ने उनके महिला होने और छोटे बच्चे के जेल में साथ रहने को राहत का आधार माना।

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Supreme Court grants bail to suspended SDOP Pooja Pandey in hawala robbery case22-year-old woman
एसडीओपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिवनी के बहुचर्चित हवाला डकैती कांड में मुख्य आरोपी और निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई। शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए राहत प्रदान की। इस फैसले के बाद प्रदेशभर में चर्चित यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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दरअसल, पूजा पांडे ने पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि याचिकाकर्ता 22 वर्षीय महिला हैं और एकल माता भी हैं। उनका दो से तीन वर्ष का बच्चा भी जेल में उनके साथ रह रहा है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उन्हें नियमित जमानत दे दी।

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पुलिस वर्दी और सरकारी गाड़ी के इस्तेमाल से मचा था हड़कंप

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पूरा मामला सिवनी जिले के खैरीटेक क्षेत्र में हुई कथित हवाला रकम की लूट से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार करीब तीन करोड़ रुपये की हवाला राशि को बेहद सुनियोजित तरीके से लूटा गया था। आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के लिए पुलिस की वर्दी, सरकारी वाहन और हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। इसी वजह से मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया था और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे।

शुरुआती जांच में यह भी सामने आया था कि इस कथित डकैती की साजिश में पुलिस विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे। मामला उजागर होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। इसके बाद सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर जांच शुरू कराई थी।

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इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से जुड़े कई अहम खुलासे
एसआईटी जांच के दौरान एजेंसियों ने मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और बैंकिंग ट्रांजैक्शन समेत कई महत्वपूर्ण प्रमाण जुटाए थे। पूछताछ में कई पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई भी शुरू हुई। इसके बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

जांच में यह भी सामने आया कि पूरी वारदात को पेशेवर तरीके से अंजाम देने की तैयारी की गई थी। आरोपियों ने कथित तौर पर हवाला रकम की मूवमेंट की जानकारी जुटाई और फिर पुलिसिया रौब का इस्तेमाल करते हुए रकम पर कब्जा कर लिया।

अधिकांश आरोपियों को पहले ही मिल चुकी है जमानत
इस मामले में गिरफ्तार अधिकांश आरोपियों को पहले ही मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं, दो आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर बाद में निरस्त कर दी गई थी। अब मुख्य आरोपी पूजा पांडे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद इस मामले को लेकर कानूनी और राजनीतिक चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। हालांकि, मामले की जांच और ट्रायल अभी जारी है। आने वाले समय में जांच एजेंसियों की ओर से अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्य इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करेंगे।

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