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Shahdol News: सरकारी चिकित्सक निजी अस्पताल में कर रहा इलाज, सीएमएचओ ने कहा होगी कार्रवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शहडोल ब्यूरो Updated Sun, 15 Feb 2026 12:33 PM IST
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सार

Shahdol News: शहडोल में जिला चिकित्सालय के एक सरकारी चिकित्सक का नाम ग्राम छतवई स्थित निजी अस्पताल के पर्चे में दर्ज होने और दवाइयां लिखने का मामला सामने आया है। सीएमएचओ ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।

Shahdol News: Government Doctor Treating Patients in Private Hospital, CMHO Says Action Will Be Taken
निजी अस्पताल के पर्चे में अंकित है सरकारी डॉक्टर का नाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

शहडोल जिले में सरकारी चिकित्सकों द्वारा निजी क्लीनिकों और अस्पतालों में सेवाएं देने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ एक चिकित्सक का नाम शहर से लगे ग्राम छतवई स्थित एक निजी अस्पताल के पर्चे में अंकित पाया गया है। इतना ही नहीं, संबंधित पर्चे में उनके द्वारा मरीज के लिए दवाइयां और जांच भी लिखी गई हैं। यह मामला शासकीय सेवा अधिनियम के तहत नियम विरुद्ध बताया जा रहा है।

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सोशल मीडिया पर वायरल पर्चे से मामला उजागर
जानकारी के अनुसार, जिला चिकित्सालय के स्त्री रोग विभाग में पदस्थ डॉक्टर अजीत सिंह का नाम एक निजी अस्पताल के पर्चे में दर्ज मिला है। बताया गया है कि 2 फरवरी को उन्होंने एक मरीज के इलाज के लिए जांच और दवाइयां लिखी थीं। उक्त पर्चा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सार्वजनिक हुआ। इससे पहले भी डॉक्टर अजीत सिंह पर जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों से रुपये लेकर इलाज करने के आरोप लग चुके हैं।
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सरकारी सेवा और निजी प्रैक्टिस पर सवाल
मामले के सामने आने के बाद यह प्रश्न उठ रहा है कि सरकार से वेतन प्राप्त करने के बावजूद यदि कोई शासकीय चिकित्सक मरीजों को निजी अस्पतालों में बुलाकर उपचार कर रहा है तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आरोप यह भी रहे हैं कि कुछ मामलों में मरीजों को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पतालों में भेजकर उनसे अधिक राशि वसूली गई।

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पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बताया जाता है कि इससे पूर्व भी अन्य शासकीय चिकित्सकों से जुड़े ऐसे प्रकरण सामने आ चुके हैं, जिनमें सरकारी अस्पताल में मरीजों से रुपये लेकर उपचार करने या उन्हें निजी अस्पताल भेजने के आरोप लगे थे। आरोपों के बावजूद अब तक प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका है। परिणामस्वरूप, अब स्थिति यह बताई जा रही है कि निजी अस्पताल के पर्चों पर शासकीय चिकित्सकों के नाम दर्ज हो रहे हैं और वे वहां मरीजों के लिए जांच व दवाइयां लिख रहे हैं।
 
विभाग की प्रतिक्रिया
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राजेश मिश्रा ने कहा कि निजी अस्पताल के पर्चे पर शासकीय चिकित्सक का नाम अंकित होना पूर्णतः नियम विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि यदि ऐसी जानकारी प्राप्त होती है तो संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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