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Shahdol News: टीकाकरण के छह घंटे बाद तीन माह की बच्ची की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 01:34 PM IST
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सार
ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम सूखा में तीन माह दस दिन की बच्ची की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों ने आंगनबाड़ी केंद्र में टीकाकरण के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। स्वास्थ्य विभाग ने आरोपों से इनकार किया है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
प्रियांशी। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ब्यौहारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कल्हारी के ग्राम सूखा में तीन माह दस दिन की मासूम बच्ची प्रियांशी पाल की मौत के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र सूखा में टीकाकरण के दौरान लापरवाही के कारण बच्ची की जान गई। घटना 9 जनवरी की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार सुनील कुमार पाल की पुत्री प्रियांशी को 9 जनवरी को सुखा आंगनबाड़ी केंद्र में टीका लगाया गया था। परिजनों का कहना है कि बच्ची को एक साथ दो टीके लगाए गए और तीन डोज दवा पिलाई गई, जिसके कुछ ही घंटों बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। रात में बच्ची लगातार रोती रही। मां ने उसे दूध पिलाया, लेकिन रात करीब तीन बजे जब माता-पिता जागे तो बच्ची में कोई हलचल नहीं थी और उसकी सांसें थम चुकी थीं।
थाने में शिकायत दर्ज
घटना की सूचना मिलने पर परिजनों ने ब्यौहारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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रविवार को पिता का बयान
रविवार को घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों का आरोप है कि एएनएम द्वारा गलत तरीके से टीकाकरण किया गया, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। पिता सुनील पाल ने बयान में स्पष्ट कहा है कि टीका लगने के बाद ही बच्ची की तबीयत खराब हुई थी।
टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित
वहीं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुनील स्थापक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है और टीका लगने से किसी बच्चे की मौत संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि उसी केंद्र में अन्य बच्चों को भी टीके लगाए गए थे, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संभव है दूध पिलाने के बाद डकार न दिलाने से बच्ची को समस्या हुई हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्वास्थ्य विभाग भी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
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जानकारी के अनुसार सुनील कुमार पाल की पुत्री प्रियांशी को 9 जनवरी को सुखा आंगनबाड़ी केंद्र में टीका लगाया गया था। परिजनों का कहना है कि बच्ची को एक साथ दो टीके लगाए गए और तीन डोज दवा पिलाई गई, जिसके कुछ ही घंटों बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। रात में बच्ची लगातार रोती रही। मां ने उसे दूध पिलाया, लेकिन रात करीब तीन बजे जब माता-पिता जागे तो बच्ची में कोई हलचल नहीं थी और उसकी सांसें थम चुकी थीं।
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थाने में शिकायत दर्ज
घटना की सूचना मिलने पर परिजनों ने ब्यौहारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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रविवार को पिता का बयान
रविवार को घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों का आरोप है कि एएनएम द्वारा गलत तरीके से टीकाकरण किया गया, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। पिता सुनील पाल ने बयान में स्पष्ट कहा है कि टीका लगने के बाद ही बच्ची की तबीयत खराब हुई थी।
टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित
वहीं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुनील स्थापक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है और टीका लगने से किसी बच्चे की मौत संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि उसी केंद्र में अन्य बच्चों को भी टीके लगाए गए थे, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संभव है दूध पिलाने के बाद डकार न दिलाने से बच्ची को समस्या हुई हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्वास्थ्य विभाग भी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।

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