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Shahdol News: नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों ऐंठे, जॉइनिंग के लिए पहुंची महिला तो खुला राज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 11:03 AM IST
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सार
स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर महिला से पैसे लेकर उसे फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर सच्चाई सामने आई और पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
फर्जी नियुक्ति पत्र।
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विस्तार
जिले में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। एक महिला से वार्ड बॉय की नौकरी लगवाने के नाम पर 1 लाख 5 हजार रुपए ठग लिए गए। आरोपी ने न सिर्फ पैसे लिए, बल्कि फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। जॉइनिंग के लिए अस्पताल पहुंचने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।
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ब्यौहारी थाना क्षेत्र के करही गांव निवासी रामकली सिंह गोंड ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान सालेबहरा निवासी ज्ञानेंद्र सिंह से थी, जो स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स के जरिए कार्यरत था। भरोसे में आकर महिला ने उससे अपनी और अपने दो भाइयों की नौकरी लगवाने की बात कही।
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आरोपी ने तीनों की नौकरी लगवाने के नाम पर कुल 1.05 लाख रुपए ले लिए और फर्जी जॉइनिंग लेटर जारी कर दिया। जब महिला यह लेटर लेकर ब्यौहारी सिविल अस्पताल पहुंची, तो वहां मौजूद बाबू को दस्तावेज देखकर संदेह हुआ। उसने तुरंत आउटसोर्स एजेंसी के मैनेजर संतोष चौबे से संपर्क किया, जिन्होंने पत्र को फर्जी बताया। इसके बाद महिला को ठगी का एहसास हुआ।
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पीड़िता के अनुसार फर्जी नियुक्ति पत्र में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की सील भी लगी थी, जिससे उसे भरोसा हो गया था कि नियुक्ति असली है। मामला सामने आने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
इधर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रुप-डी आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति सीधे जारी नहीं की जाती। सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर प्रसारित ऐसे सभी नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी हैं। उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए अधिकृत एजेंसी श्रीकृष्णा सिक्योरिटी सर्विसेस, भोपाल को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
बहरहाल कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी ज्ञानेंद्र सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। कंपनी के मैनेजर संतोष चौबे ने बताया कि मामला सामने आते ही आरोपी को आउटसोर्स से हटा दिया गया है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

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