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Sidhi News: जंगली हाथियों ने मचाई तबाही, कच्चा मकान तोड़कर दंपति को कुचला, पति-पत्नी की दर्दनाक मौत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी Published by: सीधी ब्यूरो Updated Mon, 01 Jun 2026 10:56 AM IST
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सार

चिनगी गांव में जंगली हाथियों के आतंक ने दो लोगों की जान ले ली। देर रात गांव में घुसे हाथियों ने एक मकान को तोड़ते हुए वृद्ध दंपति को कुचल दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

Sidhi: Wild Elephants Demolish Mud House, Trample Husband and Wife to Death in Midnight Attack
हाथियों के कहर ने ली दंपति की जान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जिले की ग्राम पंचायत गाजर अंतर्गत चिनगी गांव में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। रात करीब 2 बजे जंगली हाथियों के झुंड ने एक कच्चे मकान को घेर लिया और घर में सो रहे वृद्ध दंपति पर हमला कर दिया। हाथियों ने मकान को तोड़ते हुए दोनों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।



मृतकों की पहचान भैयालाल यादव (60 वर्ष) पिता लालमन यादव एवं उनकी पत्नी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए हैं और शवों को उठाने से इंकार कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा केवल हाथियों के हमले का नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि गांव के कई परिवारों को वन क्षेत्र से विस्थापित किया गया, लेकिन भैयालाल यादव के परिवार समेत लगभग 40 लोगों को विस्थापन योजना का लाभ नहीं दिया गया। इसी कारण पूरा गांव खाली नहीं हो पाया और लोग आज भी हाथियों के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि विस्थापन को लेकर कई बार प्रशासन और एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिए गए लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण कई परिवार विस्थापन के लिए तैयार नहीं हुए। उल्लेखनीय है कि पहले विस्थापन पैकेज की राशि 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति थी, जिसे लगभग एक वर्ष पूर्व बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। हालांकि ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है और वे विस्थापन नीति तथा मुआवजे को लेकर जवाब मांग रहे हैं। एसडीएम शैलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वे मौके के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और ग्रामीण इस हादसे को विस्थापन व्यवस्था की बड़ी विफलता बता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सभी पात्र परिवारों का पुनर्वास किया गया होता तो शायद आज दो लोगों की जान नहीं जाती।

 

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