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Tikamgarh: वनरक्षक पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, सागर लोकायुक्त की टीम ने की कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
Published by: टीकमगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 10:14 AM IST
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सार
टीकमगढ़ में लोकायुक्त सागर की टीम ने वनरक्षक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी लकड़ी परिवहन के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था।
लोकायुक्त की गिरफ्तार में वनरक्षक।
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विस्तार
भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत लोकायुक्त सागर की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए टीकमगढ़ में एक वनरक्षक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी वनरक्षक अरुण अहिरवार को अंबेडकर चौराहे के पास वन विभाग के पुराने कार्यालय के समीप पकड़ा गया। कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरबाज खान, निवासी बानपुर जिला ललितपुर (उत्तर प्रदेश), लकड़ी से संबंधित कार्य करते हैं। वे किसानों से लकड़ी खरीदकर तख्त, कुर्सी आदि बनाते हैं। इस लकड़ी को परिवहन करने के दौरान कुंडेश्वर बीट में पदस्थ वनरक्षक अरुण अहिरवार द्वारा उनसे लगातार अवैध रूप से रुपयों की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी वनरक्षक प्रति वाहन दो हजार रुपये की मांग करता था। रकम न देने पर कार्रवाई करने की धमकी दी जाती थी।
हर माह 10 हजार रुपये की मांग भी की जा रही थी
इतना ही नहीं, पूर्व में रुपये न देने पर आरोपी ने लकड़ी से भरा वाहन जब्त कर लिया था और उसे छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। साथ ही नियमित रूप से नगरी क्षेत्र में व्यवसाय करने के एवज में हर माह 10 हजार रुपये की मांग भी की जा रही थी।
लगातार हो रही अवैध वसूली और धमकियों से परेशान होकर अरबाज खान ने लोकायुक्त पुलिस सागर से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। गुरुवार को जैसे ही आरोपी वनरक्षक ने 5 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
ये भी पढ़ें- भोपाल में लॉरेंस गैंग पर शिकंजा: गिरोह का ‘कॉर्पोरेट मॉडल’ उजागर, 10 करोड़ के फिरौती केस में तीन गिरफ्तार
कार्रवाई आंबेडकर चौराहे के पास वन विभाग के पुराने कार्यालय परिसर में की गई, जहां लोकायुक्त टीम पहले से ही तैनात थी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त की कार्रवाई जारी थी और आरोपी से पूछताछ की जा रही थी। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोगों ने लोकायुक्त टीम की इस पहल की सराहना की है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरबाज खान, निवासी बानपुर जिला ललितपुर (उत्तर प्रदेश), लकड़ी से संबंधित कार्य करते हैं। वे किसानों से लकड़ी खरीदकर तख्त, कुर्सी आदि बनाते हैं। इस लकड़ी को परिवहन करने के दौरान कुंडेश्वर बीट में पदस्थ वनरक्षक अरुण अहिरवार द्वारा उनसे लगातार अवैध रूप से रुपयों की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी वनरक्षक प्रति वाहन दो हजार रुपये की मांग करता था। रकम न देने पर कार्रवाई करने की धमकी दी जाती थी।
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हर माह 10 हजार रुपये की मांग भी की जा रही थी
इतना ही नहीं, पूर्व में रुपये न देने पर आरोपी ने लकड़ी से भरा वाहन जब्त कर लिया था और उसे छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। साथ ही नियमित रूप से नगरी क्षेत्र में व्यवसाय करने के एवज में हर माह 10 हजार रुपये की मांग भी की जा रही थी।
लगातार हो रही अवैध वसूली और धमकियों से परेशान होकर अरबाज खान ने लोकायुक्त पुलिस सागर से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। गुरुवार को जैसे ही आरोपी वनरक्षक ने 5 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
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कार्रवाई आंबेडकर चौराहे के पास वन विभाग के पुराने कार्यालय परिसर में की गई, जहां लोकायुक्त टीम पहले से ही तैनात थी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त की कार्रवाई जारी थी और आरोपी से पूछताछ की जा रही थी। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोगों ने लोकायुक्त टीम की इस पहल की सराहना की है।

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