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Tikamgarh: दक्षिण कोरिया की चुनाव प्रणाली से सीख लेकर लौटा एमपी का दल, कलेक्टर ने बताए अहम पहलू

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़ Published by: टीकमगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 27 Mar 2026 03:34 PM IST
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सार

दक्षिण कोरिया की उन्नत और पारदर्शी चुनाव प्रणाली के अध्ययन से लौटे कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि वहां बैलेट पेपर के साथ कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया, आसान मतदान व्यवस्था और छोटी पार्टियों को भी प्रतिनिधित्व देकर लोकतंत्र को मजबूत बनाया गया है।

The Collector of Tikamgarh gained firsthand exposure to South Korea electoral process
एमपी का दल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दक्षिण कोरिया की उन्नत और पारदर्शी निर्वाचन प्रणाली के अध्ययन के लिए मध्य प्रदेश से एक प्रतिनिधिमंडल भेजा गया था। इस दल का नेतृत्व टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने किया।

चार दिवसीय दौरे से लौटने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि दक्षिण कोरिया की चुनाव प्रक्रिया अत्यंत व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत है। उन्होंने कहा कि लगभग 5 करोड़ की आबादी वाले इस देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चुनाव प्रणाली में अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।

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कलेक्टर ने बताया कि दक्षिण कोरिया में चुनाव आज भी मतपत्र (बैलेट पेपर) के माध्यम से कराए जाते हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत है। मतों की गणना और रिकॉर्डिंग अत्याधुनिक तकनीक से की जाती है, जिससे गड़बड़ी की संभावना बेहद कम हो जाती है। वहां लगभग 300 संसदीय क्षेत्र हैं, जहां निर्वाचन प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित होती है।

उन्होंने यह भी बताया कि दक्षिण कोरिया की एक प्रमुख विशेषता यह है कि वहां केवल प्रत्याशी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों को भी मत प्रतिशत के आधार पर प्रतिनिधित्व मिलता है। यदि कोई छोटी पार्टी भी एक निश्चित प्रतिशत वोट हासिल करती है, तो उसे संसद में स्थान दिया जाता है। इससे लोकतंत्र में विविध विचारधाराओं को प्रतिनिधित्व मिलता है।


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मतदान प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाने के लिए वहां विशेष व्यवस्था लागू है। यदि कोई मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर है, तो वह चुनाव से दो दिन पहले देश के किसी भी नजदीकी मतदान केंद्र पर जाकर वोट डाल सकता है। इस प्रक्रिया में मतपत्र को विशेष कोड के आधार पर कंप्यूटर में फीड किया जाता है, जिससे संबंधित मतदाता को उसके क्षेत्र का मतपत्र उपलब्ध हो जाता है।

कलेक्टर ने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य न केवल दक्षिण कोरिया की निर्वाचन प्रणाली को समझना था, बल्कि वहां के अधिकारियों को भारतीय चुनाव प्रणाली से भी अवगत कराना था। उन्होंने कहा कि अध्ययन के दौरान प्राप्त सुझावों और अनुभवों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भारत निर्वाचन आयोग को सौंपी जाएगी, जिससे भविष्य में भारतीय चुनाव प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

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