Twisha Sharma Case: जिम्नास्टिक बेल्ट से ट्विशा ने लगाई थी फांसी, पीएम रिपोर्ट में चोट के निशान; नया खुलासा
Twisha Sharma Case: भोपाल के चर्चित ट्विशा मौत मामले में परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है। पीएम रिपोर्ट में चोटों के निशान और लिगेचर जब्ती में देरी पर सवाल उठाए गए हैं। बुधवार को भोपाल में कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
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भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही उसका पासपोर्ट जब्त कराने के लिए पासपोर्ट कार्यालय को पत्र भेजा गया है।
इधर, ट्विशा के परिजनों ने मंगलवार को सातवें दिन भी शव लेने से इनकार कर दिया। परिजन दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े हैं। ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए बुधवार को भोपाल में कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा।
मामले की जांच कर रही एसआईटी के अनुसार, मौत की गुत्थी सुलझाने में अहम माने जा रहे लिगेचर (फंदे) को घटना के चार दिन बाद रविवार को जब्त किया गया। एसआईटी प्रमुख एसीपी रजनीश कश्यप ने बताया कि लिगेचर की रिपोर्ट ट्विशा के गले पर मिले निशानों से मेल खाती है और उसने जिम्नास्टिक बेल्ट से फांसी लगाई थी।
पढ़ें: 'ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान', परिजनों का आरोप; पति समर्थ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
हालांकि, ट्विशा के परिजन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में क्लॉटिंग, शरीर के कई हिस्सों में चोट और संघर्ष के निशान मिले हैं, जो हत्या की आशंका को मजबूत करते हैं। परिजनों ने सवाल किया कि पुलिस ने लिगेचर चार दिन बाद क्यों जब्त किया और शव को तत्काल एम्स क्यों नहीं भेजा गया।
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही या आरोपी पक्ष को बचाने की कोशिश के कारण उनका भरोसा पुलिस से उठ गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय के लिए दोबारा पोस्टमार्टम से कम कुछ भी स्वीकार नहीं होगा।
शव को डिस्टॉयर करने की साजिश
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और भाई मेजर हर्षित शर्मा ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष कानूनी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि दोबारा पोस्टमार्टम में देरी इसलिए की जा रही है ताकि शव की स्थिति खराब हो जाए और चोटों के निशान स्पष्ट न रह जाएं। परिजनों ने आशंका जताई कि यदि दोबारा पोस्टमार्टम हुआ तो हत्या की पुष्टि हो सकती है, इसलिए उसे रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक दोबारा पोस्टमार्टम नहीं होगा, वे शव नहीं लेंगे।

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