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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News: 3-Year-Old Bhagirath Pulled Out of Borewell After 22 Hours, Succumbs Despite Rescue Efforts

Ujjain News: जिंदगी की जंग हार गया मासूम, 22 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भागीरथ का शव बाहर आया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Fri, 10 Apr 2026 08:47 PM IST
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सार

करीब 22 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिर 3 साल के भागीरथ की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे का अंत उस खबर के साथ हुआ, जिसे सुनकर हर कोई मायूस हो गया।

Ujjain News: 3-Year-Old Bhagirath Pulled Out of Borewell After 22 Hours, Succumbs Despite Rescue Efforts
22 घंटे बाद मासूम का शव बाहर निकाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जिले के बड़नगर में 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 साल के मासूम भागीरथ को करीब 22 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया, हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।

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घटना के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमों ने गुरुवार देर रात से लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। ऑपरेशन के दौरान कई तकनीकी चुनौतियां सामने आईं, जिसके कारण शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिल सकी। रोप रिंग के जरिए भी बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन बार-बार असफलता मिली।
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बाद में लोहे की छड़ों, रस्सियों और बोरवेल से मोटर निकालने वाली मशीन की मदद से बच्चे को बाहर निकाला गया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए बड़नगर के शासकीय अस्पताल भेजा गया है। मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दिनभर चला रेस्क्यू अभियान
बचाव कार्य के दौरान परिजन और ग्रामीण लगातार मौके पर मौजूद रहे। हर गुजरते घंटे के साथ उम्मीद और चिंता दोनों बढ़ती रही। पूरे गांव में बच्चे के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थनाएं होती रहीं।

ये भी पढ़ें: Ujjain News: बड़नगर में खुले बोरवेल में गिरा तीन साल का भागीरथ, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

तकनीकी चुनौतियां बनी बाधा
रेस्क्यू के दौरान बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोदने में चट्टानों के कारण दिक्कतें आईं। कई बार ड्रिलिंग रोकनी पड़ी। बच्चे को कपड़े और अन्य साधनों से निकालने की कोशिश की गई लेकिन हर बार प्रयास विफल रहे। बाद में विशेषज्ञ टीमों की मदद से ऑपरेशन को आगे बढ़ाया गया।

इंदौर और हरदा से एसडीआरएफ की टीमें भी बुलाई गईं। एनडीआरएफ, इंजीनियरों और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने रणनीति बनाकर रेस्क्यू जारी रखा। मौके पर पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से खुदाई की गई।

घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं लेकिन हादसे के बाद खुशियों का माहौल शोक में बदल गया। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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