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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Neha Bhatt Inspires All Lost Leg in Accident Completes Amarnath and Kedarnath Yatra on Prosthetic Leg

MP: एक पैर खोया, हौसला नहीं! नेहा ने कृत्रिम पैर के सहारे अमरनाथ यात्रा की, सात ज्योतिर्लिंगों के भी किए दर्शन

Wed, 12 Aug 2026 12:41 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Wed, 12 Aug 2026 12:41 PM IST
सार

अहमदाबाद की नेहा भट्ट ने वर्ष 2021 में सड़क हादसे में अपना एक पैर खो दिया था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। कृत्रिम पैर के सहारे नेहा ने 2025 में 22 किलोमीटर की केदारनाथ यात्रा और 2026 में 18 किलोमीटर की अमरनाथ यात्रा पूरी की। वह अब तक 7 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी कर चुकी हैं। 

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Neha Bhatt Inspires All Lost Leg in Accident Completes Amarnath and Kedarnath Yatra on Prosthetic Leg
फोटो- नेहा भट्ट - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जिसने एक पैर खोया, उसने कभी हिम्मत नहीं खोई। यह कहानी है अहमदाबाद की नेहा भट्ट की। जिस रास्ते पर दो पैरों से चलना भी आसान नहीं होता, उस रास्ते पर इस शिव भक्त ने सिर्फ एक पैर और अटूट हौसले के दम पर सात ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ बाबा बर्फानी अमरनाथ और केदारनाथ की यात्रा पूरी कर ली है।
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दरअसल, अहमदाबाद में रहने वाली नेहा भट्ट ने वर्ष 2021 में एक दर्दनाक हादसे में अपना पैर खो दिया। लेकिन बाबा भोलेनाथ में उनकी आस्था और जिंदगी से लड़ने का जज्बा नहीं छीना। नेहा ने मात्र एक पैर से वर्ष 2025 में 22 किलोमीटर की केदारनाथ यात्रा पैदल चलकर पूरी की। वहीं, वर्ष 2026 में 18 किलोमीटर की अमरनाथ यात्रा भी एक पैर के सहारे पूरी कर सभी युवाओं के लिए एक संदेश दिया कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों से हारने की बजाय अपने लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया जा सकता है।
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मिसाल बनी नेहा भट्ट की भक्ति को सलाम
सोशल मीडिया पर नेहा के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। नेहा भट्ट को एक पैर के सहारे कभी अमरनाथ की कठिन चढ़ाई चढ़ते हुए देखा जा सकता है तो कभी केदारनाथ में। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि नेहा के पास प्राकृतिक पैर नहीं है। वह कृत्रिम पैर के सहारे बाबा बर्फानी के दर्शन करती हैं। नेहा भट्ट की यह यात्रा सिर्फ केदारनाथ और अमरनाथ की कठिन चढ़ाई पूरी करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह विश्वास, साहस और जज्बे की ऐसी मिसाल है, जो हर किसी को प्रेरित करती है। उन्होंने साबित कर दिया कि इंसान की सबसे बड़ी ताकत उसके पैर नहीं, बल्कि उसका हौसला और विश्वास होता है।
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बाबा महाकाल में है अटूट विश्वास
नेहा भट्ट बताती हैं, 'मुझे बाबा महाकाल में अटूट विश्वास है। वर्ष 2021 में हुए सड़क हादसे के बाद कुछ समय के लिए मैं घबरा गई थी। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं आखिर अब एक पैर से अपनी जिंदगी कैसे जिऊंगी। लेकिन जब मैं बाबा महाकाल के दर्शन करने आई तो यहां से मुझे एक नया रास्ता मिला।' उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की भक्ति करते हुए उन्होंने सात ज्योतिर्लिंगों के साथ अमरनाथ और केदारनाथ की यात्रा पूरी की है। आज भी वह बाबा महाकाल के दर्शन करने और उनसे आशीर्वाद लेने के लिए उज्जैन आई हैं, ताकि उनकी यात्रा इसी तरह चलती रहे।

 

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