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Ujjain News: फिर थमेगा मांगलिक कामों का सिलसिला, 11 दिसंबर से शुक्र तारा अस्त, अब सीधे फरवरी में शुभ मुहूर्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 20 Nov 2025 08:13 AM IST
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सार
देवउठनी एकादशाी से शुरू हुआ शादी-ब्याह और मांगलिक कार्यों का सिलसिला जल्द ही थमने वाला है। 11 दिसंबर से शुक्र तारा अस्त होने के कारण अब सीधे फरवरी के पहले सप्ताह में इन कार्यों की शुरूआत होगी।
11 दिसंबर से शुक्र तारा अस्त
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिसंबर के पहले सप्ताह में सिर्फ पांच दिन ही शादियों के मुहूर्त हैं। 1, 4, 5, 6 और 7 दिसंबर के बाद फिर कोई मुहूर्त नहीं होने के कारण इस साल के अंत में शादी समारोह नहीं होंगे। 11 दिसंबर को शुक्र तारा अस्त होने के कारण विवाहों का सिलसिला फिर थम जाएगा। इस कारण जनवरी में भी मुहूर्त नहीं हैं। फरवरी के पहले सप्ताह में फिर से मांगलिक कार्य शुरू होंगे।
देवउठनी एकादशी से शुरू होने वाली विवाह की धूमधाम जल्द ही थमने वाली है। सूर्यदेव तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करने वाले हैं, जिसके बाद इस बार नवंबर-दिसंबर में भी सिर्फ 12 दिन वैवाहिक के शुभ मुहूर्त हैं। गुमानदेव हनुमान पीठ के ज्योतिषाचार्य पं. चंदन श्यामनारायण व्यास ने बताया कि नववर्ष 2026 में जनवरी में खरमास के चलते एक भी वैवाहिक मुहूर्त नहीं हैं। नए साल में फरवरी के पहले सप्ताह में शहनाइयों की गूंज प्रारंभ होगी। वर्तमान माह में 21, 22, 23, 24, 25, 29 और 30 नवंबर को विवाह के श्रेष्ठ मुहूर्त होने के कारण इन तारीखों पर खूब शादियां होंगी।
ये भी पढ़ें: Indore: अलफलाह यूनिवर्सिटी के कर्ताधर्ता जवाद का मकान होगा जमींदोज, महू परिषद ने दिया नोटिस
रिसेप्शन, हल्दी, मेहंदी और संगीत कार्यक्रमों के लिए इन तारीखों से दो-तीन दिन पहले और बाद के लिए मैरिज गार्डन और होटल्स बुक किए गए हैं। लग्नसरा की खरीदारी को लेकर पिछले एक हफ्ते से शहर के पारंपरिक बाजारों में खरीदारी चल रही है। साल की शुरुआत में जनवरी महीना विवाह के लिए अनुकूल नहीं होगा क्योंकि इस दौरान खरमास और शुक्र तारा अस्त दोनों एक साथ पड़ रहे हैं। परिणामस्वरूप जनवरी के पूरे महीने में एक भी शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं होगा। फरवरी महीने में पुनः शुभ समय की शुरुआत होगी और इसी के साथ विवाह के मुहूर्त खुल जाएंगे।
पंचांग के अनुसार 2026 में पूरे साल कुल 59 विवाह योग्य तिथियां मिलेंगी। हालांकि बीच-बीच में कई अवधि ऐसी भी होंगी, जब खरमास, अधिक मास, होलाष्टक और चातुर्मास के कारण विवाह पूरी तरह वर्जित रहेगा।
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पंचांग के अनुसार 2026 में पूरे साल कुल 59 विवाह योग्य तिथियां मिलेंगी। हालांकि बीच-बीच में कई अवधि ऐसी भी होंगी, जब खरमास, अधिक मास, होलाष्टक और चातुर्मास के कारण विवाह पूरी तरह वर्जित रहेगा।

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