{"_id":"6a7496493720429b170f22b9","slug":"fake-doctor-in-ujjain-claims-to-cure-paralysis-in-1-hour-demands-335-lakh-ujjain-news-c-1-1-noi1228-4583051-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain News: एक घंटे मे पैरालिसिस ठीक करने का दावा! झोलाछाप ने 3.35 लाख का बिल थमाया, शिक्षक ने ऐसे बचाए पैसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain News: एक घंटे मे पैरालिसिस ठीक करने का दावा! झोलाछाप ने 3.35 लाख का बिल थमाया, शिक्षक ने ऐसे बचाए पैसे
Thu, 06 Aug 2026 10:56 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 10:56 PM IST
सार
उज्जैन में पैरालिसिस के मरीज अमितेश शुक्ला से चमत्कारी इलाज का झांसा देकर 3.35 लाख रुपये की ठगी का प्रयास किया गया। आरोपी ने नेचरोपैथी के नाम पर फर्जी उपचार कर भारी बिल थमा दिया। पीड़ित ने समय रहते चेक का भुगतान रुकवाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी फरार है।
विज्ञापन
crime demo
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पैरालिसिस के मरीज को एक घंटे में ठीक करने का दावा कर लाखों रुपये की ठगी का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। माधवनगर थाना क्षेत्र के सेठीनगर निवासी कोचिंग संचालक अमितेश शुक्ला की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपी स्वयं को नेचरोपैथी विशेषज्ञ बताकर इलाज के नाम पर 3.35 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश कर फरार हो गया।
विज्ञापन
पीड़ित अमितेश शुक्ला ने बताया कि वे पिछले 13 वर्षों से पैरालिसिस से पीड़ित हैं। करीब एक सप्ताह पहले भोपाल से लौटते समय दोस्त धीरेंद्र सेंगर के साथ एक ढाबे पर चाय पी रहे थे। इसी दौरान अशोक शर्मा नामक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और डॉ. रुस्तम का मोबाइल नंबर देते हुए दावा किया कि वह पैरालिसिस का इलाज कर मरीज को पूरी तरह ठीक कर देता है। बुधवार को डॉ. रुस्तम एक हजार रुपये विजिट फीस लेकर अमितेश के घर पहुंचा। जांच के बाद उसने कहा कि नसों में "पीत" जमा है, जिसे निकालना जरूरी है। इसके बाद उसने 4,500 रुपये लेकर एक प्रक्रिया शुरू की। करीब दो घंटे तक हाथ में छोटा चीरा लगाकर स्टील की फनल से मवाद निकालने जैसी प्रक्रिया का नाटक किया।
विज्ञापन
य़े भी पढ़ें- दादा का कर्ज पोता वसूलेगा: प्रथम विश्वयुद्ध के समय ब्रिटिश सरकार को दिया था लोन, ब्रिटेन ने दिया नोटिस का जवाब
विज्ञापन
इलाज के नाम पर थमा दिया 3.35 लाख का बिल
प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी ने 3 लाख 35 हजार रुपये का बिल थमा दिया। उसने दावा किया कि 60 बार उपचार किया गया है और प्रत्येक प्रक्रिया के 4,000 रुपये बनते हैं। आरोपी ने यह भी कहा कि यदि तुरंत भुगतान कर दिया जाए तो शाम तक मरीज पूरी तरह ठीक हो जाएगा। अमितेश ने बताया कि तत्काल नकदी नहीं होने पर उन्होंने 3 लाख रुपये का चेक दे दिया। हालांकि आरोपी के जाने के बाद उन्हें और उनके दोस्त को ठगी का संदेह हुआ। दोनों तत्काल बैंक ऑफ इंडिया पहुंचे और चेक का भुगतान रुकवा दिया।
पुलिस जांच में जुटी
इसके बाद पीड़ित ने माधवनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को फोन कर थाने बुलाया, लेकिन उसने आने की बात कहने के बाद मोबाइल बंद कर दिया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
महाराष्ट्र की गैंग पर शक
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में आशंका है कि यह महाराष्ट्र से सक्रिय एक गिरोह हो सकता है, जो पैरालिसिस और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को चमत्कारी इलाज का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाता है। मामले की जांच जारी है।
