फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   The Third Procession of Lord Mahakaleshwar Becomes a Confluence of Faith

भगवान महाकाल की तीसरी सवारी: अवंतिकानाथ की जय के घोष से गूंजा उज्जैन, 7.80 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

Mon, 17 Aug 2026 10:15 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Mon, 17 Aug 2026 10:15 PM IST
सार

तीसरे सावन सोमवार को भगवान महाकालेश्वर की तीसरी सवारी भव्य रूप में निकली। बाबा महाकाल पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश और गरुड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकले। करीब आठ लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सवारी रामघाट पहुंची, जहां पूजन हुआ और विभिन्न बैंड दलों ने प्रस्तुतियां दीं। 

विज्ञापन
The Third Procession of Lord Mahakaleshwar Becomes a Confluence of Faith
ऐसे निकली बाबा महाकाल की सवारी

विस्तार

तीसरे सावन सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर की तीसरी सवारी आस्था, उत्साह और उमंग के साथ निकाली गई। भगवान महाकालेश्वर पालकी में चंद्रमौलेश्वर रूप में तथा हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में तथा गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले। पूरे सवारी मार्ग पर करीब आठ लाख लोगों ने भोलेनाथ के तीन रूपों के दर्शन किए।

विज्ञापन


सवारी के निकलने के पूर्व सभामंडप में पूजन-अर्चन मुख्य पुजारी पं. घनश्याम शर्मा द्वारा संपन्न कराया गया। सर्वप्रथम भगवान श्री महाकालेश्वर भगवान का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन किया गया। इसके पश्चात भगवान की आरती की गई।

विज्ञापन
ये भी पढ़ें- टैक्सी चालक के घर मिले 3.14 करोड़: जिस रिटायर्ड इंजीनियर की रकम बताई, उसने किया इंकार, बोला- रुपये मेरे नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन


भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी निकलने के पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में राज्यमंत्री कृष्णा गौर, सांसद अनिल फिरोजिया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुत्र वैभव यादव, नगर निगम सभापति कलावती यादव ने विधिवत पूजन-अर्चन किया और सवारी में शामिल हुए। इसके पश्चात भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलें। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी गई।

सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंची। जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का पूजन-अर्चन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप बाबा महाकालेश्वर की सवारी को भव्य स्वरूप देने के लिए पुलिस, आर्मी, होमगार्ड, महाकालेश्वर बैंड, विद्यालयीन एवं निजी बैंड ने अपनी अपनी प्रस्तुतियां दीं। ये सभी दल श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी के साथ सवारी मार्ग में अपनी प्रस्तुति देते हुए चले। सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।
 

ऐसे निकली बाबा महाकाल की सवारी

ऐसे निकली बाबा महाकाल की सवारी

 

ऐसे निकली बाबा महाकाल की सवारी

ऐसे निकली बाबा महाकाल की सवारी

 

ऐसे निकली बाबा महाकाल की सवारी

सवारी देखने लाखों लोग उज्जैन में थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed