सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain: general secretary of the Akhara Parishad has issued a statement In the Swami Avimukteshwaranand case

Ujjain: 'यह घटना प्रयाग की गरिमा पर चोट’...स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में बोले अखाड़ा परिषद के महामंत्री

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Wed, 21 Jan 2026 08:24 AM IST
विज्ञापन
सार

Ujjain: प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और पुलिस के बीच हुए टकराव पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि महाराज ने दुख जताया। उन्होंने इसे गरिमा पर चोट बताया है। पढ़ें पूरी खबर

Ujjain: general secretary of the Akhara Parishad has issued a statement In the Swami Avimukteshwaranand case
अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि महाराज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थकों और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद इस घटनाक्रम पर पहली बार उज्जैन से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि महाराज का बयान सामने आया है। हरिगिरि महाराज ने इस घटना पर गहरा अफसोस और पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद समाचार है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज को लेकर सभी साधु-संतों और समाज में चिंतन भी है और गहरी चिंता भी, क्योंकि इस प्रकार की घटनाएं प्रयागराज की गरिमा को कहीं न कहीं ठेस पहुंचाती हैं।
Trending Videos


महामंत्री हरिगिरि महाराज ने कहा कि प्रयागराज वह पवित्र स्थान है, जहां स्नान व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट तक सक्षम है और आवश्यक होने पर तत्काल निर्देश भी दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वीआईपी घाट सहित तमाम व्यवस्थाएं पहले से मौजूद रहती हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति न बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना में किस पक्ष की गलती थी या नहीं, इस पर जाना उनका उद्देश्य नहीं है। उनका कहना था कि घटना हो चुकी है, लेकिन यह जरूर चिंताजनक है कि कहीं न कहीं किसी स्तर पर चूक हुई है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। हरिगिरि ने कहा कि भविष्य में प्रयागराज की मर्यादा और गरिमा बनाए रखने के लिए सभी को जागरूक रहना होगा और आगे बढ़कर प्रयाग के हित में एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा, ताकि इस प्रकार की दुखद परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन




अफसर धर्म और प्रयागराज की मर्यादा को समझते हैं: हरिगिरि
महामंत्री हरिगिरि ने इस मामले में मेला प्रशासन को क्लीन चिट देते हुए कहा कि मेले में तैनात विकास प्राधिकरण अध्यक्ष और अन्य अधिकारी सभी नारायण और त्रिवेणी के उपासक हैं। वे धर्म और प्रयागराज की मर्यादा को समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वीआईपी घाट पर स्नान को लेकर हाईकोर्ट की दिशा-निर्देश पहले से मौजूद हैं। ऐसे में विवाद से बचना ही सबसे बेहतर रास्ता था।

पढ़ें: माघ शुक्ल तृतीया पर भस्म आरती, जय श्री महाकाल से गूंज उठा उज्जैन; तड़के 4 बजे खुले महाकाल के पट

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पद को लेकर यह कहा
महामंत्री हरिगिरि ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पद को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि वे जिस पद पर आसीन हुए हैं, उसमें अभी अखाड़ा परिषद की ओर से उन्हें चादर ओढ़ाना बाकी है। हमारी परंपरा है कि समस्त 13 अखाड़े मिलकर एक साथ चादर ओढ़ाते हैं। जब समाज और अखाड़े आपको चादर ओढ़ाएंगे, तभी आप पूरे समाज के शंकराचार्य होंगे और समाज आपको पूरी तरह स्वीकार करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed