{"_id":"69a650e725ce0369720339d9","slug":"two-accused-arrested-for-cyber-fraud-of-more-than-rs-23-crore-by-creating-a-fake-company-vidisha-news-c-1-1-noi1454-4012468-2026-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cyber Fraud: फर्जी कंपनी बनाकर 23 करोड़ से ज्यादा की ठगी, दो गिरफ्तार; म्यूल खातों से देशभर में ट्रांजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Cyber Fraud: फर्जी कंपनी बनाकर 23 करोड़ से ज्यादा की ठगी, दो गिरफ्तार; म्यूल खातों से देशभर में ट्रांजेक्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
Published by: विदिशा ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2026 10:22 AM IST
विज्ञापन
सार
म्यूल खातों के जरिए संचालित साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। फर्जी कंपनी बनाकर आरोपियों ने संदिग्ध ट्रांजेक्शनों के जरिए 23 करोड़ 20 लाख रुपए की रकम खातों से ट्रांसफर कर निकाल ली।
23 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां तीन जालसाजों ने फर्जी कंपनी बनाकर आम लोगों के खातों से करीब 23 करोड़ 20 लाख रुपए की ठगी कर ली। इस मामले में पुलिस ने फिलहाल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने सितंबर 2025 में ट्यूनिटी वेंचर नाम से एक चालू खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की वाणिज्य शाखा, सांची रोड विदिशा में खुलवाया। इसके बाद इस खाते के माध्यम से बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेन-देन शुरू किया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने डेढ़ लाख से अधिक ट्रांजेक्शन किए, जिनमें 10 हजार से लेकर 50 लाख रुपए तक की रकम शामिल थी। इन ट्रांजेक्शनों के जरिए 23 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खाते में जमा कर तुरंत निकाल ली गई।
बताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क म्यूल खातों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया गया। लगातार भारी ट्रांजेक्शन होने के बावजूद लंबे समय तक खाते पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। जब देश के अलग-अलग राज्यों से शिकायतें आने लगीं, तब मामला गंभीर हुआ। करीब 25 से अधिक राज्यों की एसबीआई शाखाओं ने इस खाते को फ्रीज करने की कार्रवाई की।
ये भी पढ़ें: Jabalpur News: नीलामी की राशि जमा कराए बिना आवंटित कर दी दुकानें, नप अध्यक्ष-CMO-राजस्व अधिकारी सहित 23 पर FIR
आखिरकार पटना, बिहार स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा की शिकायत के बाद विदिशा की वाणिज्य शाखा ने खाते को सील कर दिया। हालांकि तब तक आरोपी 23 करोड़ 20 लाख रुपए निकाल चुके थे। खाते में अब भी लगभग 6 लाख रुपए शेष बताए जा रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल विदिशा के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली थाना पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या बैंक स्तर पर लापरवाही हुई है। इतने बड़े स्तर पर हुए ट्रांजेक्शन और करोड़ों की निकासी ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले ने आम नागरिकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
Trending Videos
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने सितंबर 2025 में ट्यूनिटी वेंचर नाम से एक चालू खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की वाणिज्य शाखा, सांची रोड विदिशा में खुलवाया। इसके बाद इस खाते के माध्यम से बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेन-देन शुरू किया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने डेढ़ लाख से अधिक ट्रांजेक्शन किए, जिनमें 10 हजार से लेकर 50 लाख रुपए तक की रकम शामिल थी। इन ट्रांजेक्शनों के जरिए 23 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खाते में जमा कर तुरंत निकाल ली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क म्यूल खातों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया गया। लगातार भारी ट्रांजेक्शन होने के बावजूद लंबे समय तक खाते पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। जब देश के अलग-अलग राज्यों से शिकायतें आने लगीं, तब मामला गंभीर हुआ। करीब 25 से अधिक राज्यों की एसबीआई शाखाओं ने इस खाते को फ्रीज करने की कार्रवाई की।
ये भी पढ़ें: Jabalpur News: नीलामी की राशि जमा कराए बिना आवंटित कर दी दुकानें, नप अध्यक्ष-CMO-राजस्व अधिकारी सहित 23 पर FIR
आखिरकार पटना, बिहार स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा की शिकायत के बाद विदिशा की वाणिज्य शाखा ने खाते को सील कर दिया। हालांकि तब तक आरोपी 23 करोड़ 20 लाख रुपए निकाल चुके थे। खाते में अब भी लगभग 6 लाख रुपए शेष बताए जा रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल विदिशा के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली थाना पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या बैंक स्तर पर लापरवाही हुई है। इतने बड़े स्तर पर हुए ट्रांजेक्शन और करोड़ों की निकासी ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले ने आम नागरिकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

कमेंट
कमेंट X