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VIP दर्शन विवाद: ओंकारेश्वर में प्रशासन और सर्व ब्राह्मण समाज के बीच सहमति, कलेक्टर–SP ने की चर्चा
Wed, 22 Jul 2026 11:21 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:21 PM IST
सार
ओंकारेश्वर मंदिर की वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर विवाद के बाद प्रशासन और सर्व ब्राह्मण समाज के बीच बैठक हुई। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने समाज की भावनाएं आहत होने पर खेद जताया। सहमति बनी कि भविष्य में मंदिर व्यवस्था और वीआईपी दर्शन से जुड़े सभी निर्देश केवल लिखित रूप में जारी किए जाएंगे।
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प्रशासन और सर्व ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भगवान श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर हाल ही में उपजे विवाद के बाद बुधवार को प्रशासन और सर्व ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मांधाता पुलिस कंट्रोल रूम में हुई इस बैठक में खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता तथा पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने समाज के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई, जिससे क्षेत्र में व्याप्त तनाव काफी हद तक शांत होता दिखाई दिया।
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बैठक के दौरान सर्व ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने वीआईपी दर्शन व्यवस्था से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर अपनी आपत्तियां, चिंताएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। प्रतिनिधियों ने मांग की कि भविष्य में मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े किसी भी निर्णय में पारदर्शिता और स्पष्टता बनी रहनी चाहिए तथा संबंधित पक्षों को विश्वास में लेकर ही निर्णय किए जाएं। चर्चा के दौरान कलेक्टर गुप्ता ने पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी। जानकारी के अनुसार उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई से समाज की भावनाएं आहत होने पर खेद व्यक्त किया तथा प्रभावित ब्राह्मणों से क्षमा भी मांगी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक वातावरण में चर्चा आगे बढ़ी और आपसी संवाद के माध्यम से विवाद को शांत करने का प्रयास सफल रहा।
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बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि भविष्य में मंदिर व्यवस्था अथवा वीआईपी दर्शन से संबंधित कोई भी निर्देश केवल मौखिक रूप से नहीं दिए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे से सभी आदेश लिखित रूप में जारी किए जाएंगे, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो और संबंधित अधिकारी तथा हितधारक उसी के अनुरूप कार्य करें। बैठक के बाद ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने भी संवाद की प्रक्रिया को सकारात्मक बताया। प्रशासन और समाज के बीच बनी सहमति से यह संकेत मिला कि आपसी बातचीत और समन्वय के माध्यम से विवादों का समाधान संभव है।
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बैठक के दौरान सर्व ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने वीआईपी दर्शन व्यवस्था से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर अपनी आपत्तियां, चिंताएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। प्रतिनिधियों ने मांग की कि भविष्य में मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े किसी भी निर्णय में पारदर्शिता और स्पष्टता बनी रहनी चाहिए तथा संबंधित पक्षों को विश्वास में लेकर ही निर्णय किए जाएं। चर्चा के दौरान कलेक्टर गुप्ता ने पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी। जानकारी के अनुसार उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई से समाज की भावनाएं आहत होने पर खेद व्यक्त किया तथा प्रभावित ब्राह्मणों से क्षमा भी मांगी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक वातावरण में चर्चा आगे बढ़ी और आपसी संवाद के माध्यम से विवाद को शांत करने का प्रयास सफल रहा।
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बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि भविष्य में मंदिर व्यवस्था अथवा वीआईपी दर्शन से संबंधित कोई भी निर्देश केवल मौखिक रूप से नहीं दिए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे से सभी आदेश लिखित रूप में जारी किए जाएंगे, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो और संबंधित अधिकारी तथा हितधारक उसी के अनुरूप कार्य करें। बैठक के बाद ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने भी संवाद की प्रक्रिया को सकारात्मक बताया। प्रशासन और समाज के बीच बनी सहमति से यह संकेत मिला कि आपसी बातचीत और समन्वय के माध्यम से विवादों का समाधान संभव है।
