सड़क सुरक्षा मानकों को ताक पर रखना दूसरी बात है लेकिन अपने बच्चों के साथ लापरवाही बरतना इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता। 8 अप्रैल शनिवार की सुबह जब मैं दिल्ली से यूपी गेट के तरफ बढ़ रहा था तभी सामने मोटरसाइकिल पर सवार तीन बच्चों के साथ एक मां का बैलेंस बच्चे से बिगड़ गया और उसका दो साल का छोटा बच्चा सिर के बल सड़क पर गिर गया। उसे काफी चोटें आई पर शुक्र है कि वह बच गया। पर यह घटना उन सभी माता-पिता के लिए सबक है जो अपने मासूम बच्चों को हर दिन मौत के सफर लापरवाही से निकलते हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो यह आलेख पढ़िए और कानून की नहीं तो कम से कम अपने मासूमों के खातिर इन बातों को जेहन में बिठा लीजिए।
जब बाइक पर बिठाएं बच्चे, तो इन बातों का रखें ध्यान
बाइक स्टार्ट करने से पहले
मोटरसाइकिल स्टार्ट करने से पहले यह देख लें कि आप कितने लोगों को मोटरसाइकिल पर बिठा रहे हैं। मोटरसाइकिल की सवारी कानूनी तौर पर महज दो लोगों के लिए बनी है इसके अलावा अगर आप अपने बच्चों को भी बिठाते हैं तो यह नियम का उल्लंघन होता है। इसलिए कोशिश करें कि आपकी बाइक पर आपके अलावा सिर्फ कोई एक ही व्यक्ति बैठे। बाइक पर बैठने वाली सवारी अगर महिला है तो उसे हमेशा क्रॉस लेग करके बैठना चाहिए। अगर आपके दो बच्चे हैं तो मोटरसाइकिल की सवारी करने के बजाए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें। राइडिंग के दौरान जो भी आपके मोटरसाइकिल पर बैठा है उसके सिर पर हेलमेट होना जरूरी है।
अगर आप अपने बच्चे को मजबूरी में बिठा ही रहे हैं तो हमेशा उसे हेलमेट पहनाएं। बच्चों के भी हेलमेट बाजार में उपलब्ध हैं। कोशिश करें कि उसी बच्चे को बाइक पर बिठाएं जिसकी उम्र पांच साल से ज्यादा हो। यह वो उम्र होती है जिसमें बच्चे अपना अच्छा-भला सोचना शुरू कर देते हैं।
अक्सर लोग राइडिंग करते वक्त बच्चों को खुश करने के लिए उन्हें ईंधन टैंक पर बिठा लेते हैं। यह सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। बच्चे चंचल होते हैं और टैंक पर बैठे-बैठे वो सारे कंट्रोल छेड़ते रहते हैं। अगर आप एक अच्छी गति पर जा रहे हो तो हो सकता है बच्चे के वजह से आपका कंट्रोल हैंडल से हट जाए और गिर जाएं। कभी-कभार बच्चे मोटरसाइकिल के इंजन ऑफ करने वाले बटन को दबा देते हैं जिससे अचानक इंजन बंद होने से आप तेज चल रहे यातायात के बीच में खतरे में पड़ सकते हैं। इसलिए कभी भी बच्चों को टैंक पर न बिठाएं।
अक्सर साड़ी पहनी हुई महिलाएं बाइक पर एक तरफ पैर करके बैठती हैं और ऊपर से अपने बच्चे को भी एक हाथ से दबोचे रखती हैं। आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में ऐसी पिलियन राइडर के साथ क्या हो सकता है। देश में रोजाना बहुत सारी बाइक दुर्घटनाओं में पीछे बैठी महिलाएं अपनी जान गंवा देती हैं या फिर गंभीर चोट के कारण पूरी जिंदगी बर्बाद कर लेती हैं। जब आपका खुद बाइक पर कोई सपोर्ट नहीं है तो आप अपने बच्चे को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। तो कम से कम अगर आप अपने बच्चों से प्यार करते हैं तो उनकी मासूम जिंदगी के साथ खिलवाड़ न करें।