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FASTag: हाईवे पर बढ़ी कारों की संख्या, जानें एक दिन में कितना कमाती है सरकार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 05 Jul 2021 01:36 PM IST
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देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर में दैनिक मामलों की संख्या 50 हजार से नीचे आ गई है। हालांकि दूसरी लहर के दौरान मृत्युदर में तेज उछाल देखा जा रहा है। कोरोना के दैनिक मामलों में तेज गिरावट को देखते हुए दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां कोरोना के दैनिक मामले बढ़े होने के कारण अभी फुल लॉकडाउन जारी है।
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रिपोर्ट के मुताबिक एक जुलाई को हाइवे पर फास्टैग के जरिए हुए टोल कलेक्शन का आंकड़ा 103 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। टोल प्लाजा पर 63 लाख ट्रांजेक्शना दर्ज किए गए। वहीं जून के आखिर तक एक दिन में जमा हुआ टोल कलेक्शन 97 करोड़ रुपये रहा। सरकार ने जून के महीने में 2,576 करोड़ रुपये की राशि टोल के जरिए जमा की। गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर आने से पहले मार्च के महीने में एक दिन में जमा किए टोल कलेक्शन का आंकड़ा 107 करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
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जून का टोल कलेक्शन
भारत सरकार फास्टैग को बहुत तेजी से लागू कर रही है। इस समय देश में 3.45 करोड़ फास्टैग जारी किए जा चुके हैं। वहीं देशभर में 780 टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिए टोल कलेक्शन का काम हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 जुलाई को फास्टैग के जरिए 63 लाख लेनदेन दर्ज हुआ। वहीं जून के पूरे महीने के दौरान सरकार ने फास्टैग टोल के जरिए 2,576 करोड़ रुपये कमाए हैं। यह आंकड़ा मई की तुलना में 21 फीसदी ज्यादा है। अधिकारियों ने बताया है कि राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों को छोड़कर फास्टैग के जरिए लेनदेन में तेजी सामान्य बनी हुई है।
भारत सरकार फास्टैग को बहुत तेजी से लागू कर रही है। इस समय देश में 3.45 करोड़ फास्टैग जारी किए जा चुके हैं। वहीं देशभर में 780 टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिए टोल कलेक्शन का काम हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 जुलाई को फास्टैग के जरिए 63 लाख लेनदेन दर्ज हुआ। वहीं जून के पूरे महीने के दौरान सरकार ने फास्टैग टोल के जरिए 2,576 करोड़ रुपये कमाए हैं। यह आंकड़ा मई की तुलना में 21 फीसदी ज्यादा है। अधिकारियों ने बताया है कि राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों को छोड़कर फास्टैग के जरिए लेनदेन में तेजी सामान्य बनी हुई है।
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कोरोना की फास्टैग पर मार
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कोविड की दूसरी लहर की वजह से हाइवे पर टोल कलेक्शन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मार्च में दूसरी लहर से ठीक पहले तक फास्टैग का इस्तेमाल एक महीने में 19.3 करोड़ रुपये के लेनदेन के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। लेकिन अप्रैल से जब कोविड-19 संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे तो हाईवे पर टोल कलेक्शन का आंकड़ा 16.4 करोड़ लेनदेन के साथ लगभग 2,776 करोड़ रुपये की कुल राशि तक गिर गया था। मई के महीने में जब कोविड के एक्टिव केस बढ़ गए थे, तब टैग डेटा ने लगभग 2,100 करोड़ रुपये का 11.6 करोड़ का लेनदेन किया था।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कोविड की दूसरी लहर की वजह से हाइवे पर टोल कलेक्शन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मार्च में दूसरी लहर से ठीक पहले तक फास्टैग का इस्तेमाल एक महीने में 19.3 करोड़ रुपये के लेनदेन के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। लेकिन अप्रैल से जब कोविड-19 संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे तो हाईवे पर टोल कलेक्शन का आंकड़ा 16.4 करोड़ लेनदेन के साथ लगभग 2,776 करोड़ रुपये की कुल राशि तक गिर गया था। मई के महीने में जब कोविड के एक्टिव केस बढ़ गए थे, तब टैग डेटा ने लगभग 2,100 करोड़ रुपये का 11.6 करोड़ का लेनदेन किया था।
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पहली लहर में पड़ा था ज्यादा असर
हालांकि कोरोना महामारी की दूसरी लहर और पिछले साल की पहली लहर के बीच में, फास्टैग लेनदेन की कुल संख्या लगभग 8 करोड़ थी, जो कि 1,511 करोड़ रुपये थी। पिछले साल सितंबर में, जिसने 26 लाख से ज्यादा मामलों के साथ पहली लहर की उच्च देखा, राजमार्गों ने 1,940 करोड़ रुपये के 11 करोड़ फास्टैग लेनदेन देखे।
हालांकि कोरोना महामारी की दूसरी लहर और पिछले साल की पहली लहर के बीच में, फास्टैग लेनदेन की कुल संख्या लगभग 8 करोड़ थी, जो कि 1,511 करोड़ रुपये थी। पिछले साल सितंबर में, जिसने 26 लाख से ज्यादा मामलों के साथ पहली लहर की उच्च देखा, राजमार्गों ने 1,940 करोड़ रुपये के 11 करोड़ फास्टैग लेनदेन देखे।