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Jharkhand aims to become one of biggest electric vehicle manufacturing hub in Eastern India Tata Motors, Maruti suzuki approached to set up EV hubs in Jharkhand
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EV : इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर झारखंड संजीदा, ईवी हब बनाने के लिए टाटा मोटर्स-मारुति से की बात
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 28 Aug 2021 01:04 PM IST
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TATA Motors, Maruti Suzuki
- फोटो : For Reference Only
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झारखंड का लक्ष्य पूर्वी भारत में सबसे बड़े इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण केंद्र में से एक बनना है। राज्य सरकार Tata Motors (टाटा मोटर्स) और Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) सहित कई कार निर्माताओं के साथ बातचीत कर रही है, ताकि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाए जा सकें।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कई कार निर्माताओं को छूट और सुविधाओं की पेशकश की क्योंकि उनकी सरकार अपनी पहली इलेक्ट्रिक वाहन नीति को अंतिम रूप देने के करीब है। माना जा रहा है कि टाटा और मारुति के अलावा, राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने Toyota (टोयोटा), Hyundai Motor (ह्यूंदै मोटर) और Honda Cars (होंडा कार्स) जैसे अन्य कार निर्माताओं से भी संपर्क किया है।
राज्य सरकार का लक्ष्य शुक्रवार से शुरू हुई दो दिवसीय निवेशकों की बैठक के जरिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड जुटाना और पांच लाख नौकरियां पैदा करना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैठक की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया, "टाटा समूह के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि वे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण प्लांट क्यों नहीं खोल सकते।"
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सरकार दे रही ये ऑफर
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : PTI
कार निर्माताओं को पेश की गई प्रस्तावित झारखंड ईवी नीति के तहत, स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट का वादा किया गया है। सरकार झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (JIADA) के जरिए कार निर्माताओं को 50 फीसदी सब्सिडी पर जमीन उपलब्ध कराने का भी वादा करती है, यदि वे झारखंड EV नीति के लॉन्च के बाद से पहले दो वर्षों के भीतर इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश करने का वादा करते हैं। इसमें वाहन पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स से पूर्ण छूट का भी प्रस्ताव है।
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सीएम की सोच
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Electric Car
- फोटो : Unsplash
सोरेन ने शुक्रवार को कहा, "प्रस्तावित इलेक्ट्रिक वाहन नीति आपके सामने पेश की गई है। अगर हम भविष्य की ओर देखें तो मेरा मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य के वाहन हैं जहां हम जितना चाहें उतना कर सकते हैं।"
इलेक्ट्रिक वाहन के लिए झारखंड की पहल ऐसे समय में आई है जब कुछ दिनों पहले ही ओडिशा भारत में अपनी व्यापक इलेक्ट्रिक वाहन नीति पेश करने वाला 10वां राज्य बन गया है। राज्य यह भी चाहता है कि कार निर्माता इलेक्ट्रिक कारों के लिए बैटरी बनाने के लिए कंपोनेंट उद्योग के साथ-साथ ईवी मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाएं।
टाटा मोटर्स ने साथ बातचीत
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electric vehicles
- फोटो : For Reference Only
ईवी सुविधाएं स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा संपर्क किए गए कार निर्माताओं में, टाटा मोटर्स का जमशेदपुर में पहले से ही एक वाहन निर्माण संयंत्र है। टाटा मोटर्स में कॉरपोरेट मामलों के वैश्विक प्रमुख सुशांत नाइक, समूह के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं।
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