एक दिसंबर, 2019 से देश में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस साल एक दिसंबर से सभी राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा के सभी लेन को फास्टैग (Fastag) से जोड़ने जा रहा है। जिसके बाद आपको टोल प्लाजा पर भुगतान फास्टैग से करना होगा। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 527 टोल प्लाजा हैं, जिनमें से 380 टोल प्लाजा के सभी लेन Fastag से लैस हो गए हैं। बाकी लेनों को भी फास्टैग से लैस किया जा रहा है। आइए जानते हैं कहां और कैसे मिलेगा Fastag…
खुश खबरः 150 रुपये की कीमत वाला Fastag ‘फ्री’ दे रही है सरकार, एक दिसंबर तक है मौका!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्या है फास्टैग?
फास्टैग (Fastag) एक डिजिटल स्टिकर है जो गाड़ियों के सामने के शीशे पर लगा होना चाहिए। कैशलेस व्यवस्था को बढ़ावा देने वाला फास्टैग रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी यानी आरएफआईडी पर आधारित है। इसके जरिए सरकार कैशलेस टोल टैक्स भुगतान को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। फिलहाल जो व्यवस्था टोल प्लाजा पर लागू है उसमें कैश और कैशलेस दोनों तरीकों से टैक्स का भुगतान किया जा सकता है। अगर 01 दिसंबर तक गाड़ी में फास्टैग नहीं लगवाया, तो इसके बाद व्यक्ति को टोल प्लाजा पर दोगुना भुगतान करना पड़ सकता है।
इन गाड़ियों में पहले से मिलेगा फास्टैग
वहीं, 2014 के बाद आ रहे वाहनों में वाहन निर्माता कंपनियों इसे पहले से ही लगा कर दे रही हैं। लेकिन 2014 से पहले के जितने भी वाहन हैं, उन्हें लगवाना पड़ेगा।
जाम से मिलेगा छुटकारा
नई व्यवस्था के तहत फास्टैग लगी गाड़ियों को टोल प्लाजा पर खड़े होने की ज़रूरत नहीं होगी। कार मालिक के अकाउंट से टोल टैक्स की रकम खुद ही प्रीपेड अकाउंट या लिंक किए हुए बैंक अकाउंट से काट ली जाएगी। टोल प्लाजा पर लोगों को दिक्कत न हो इसके लिए सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल की सभी लेन को फास्टैग लेन बनाने का फैसला किया है। आने-जाने वाली एक एक लेन को मौजूदा व्यवस्था के तहत अन्य तरीकों से टैक्स लेने के लिए हाईब्रिड लेन नामित किया जाएगा।
फास्टैग से जो फायदे होंगे उसमें सबसे बड़ा ये है कि टोल प्लाजा पर भीड़ कम होगी। गाड़ी रूकेंगी नहीं तो न यात्रियों को परेशानी होगी न ही गाड़ी से निकलने वाले धुएं के कारण पर्यावरण दूषित होगा।
गाड़ी चोरी पर लगेगी लगाम
सरकार के पास हर गाड़ी के एक डिजिटल रिकॉर्ड भी स्वत: ही दर्ज हो जाएगा जिससे जरूरत पड़ने पर गाड़ी को ट्रैक करना आसान होगा। वाहन चालक को साथ में कैश ले कर जाने की कोई जरूरत नहीं होगी। आपको अपने मासिक खर्च के बारे में भी जानना कहीं अधिक आसान होगा, क्योंकि डिजिटल भुगतान की जानकारी अकाउंट स्टेटमेंट के रूप में आपको मिल जाएगी।