फॉक्सवैगन साल 2020 में आयोजित होने जा रहे ऑटो एक्सपो में अपनी नई एसयूवी टी-आरओसी को भारतीय बाजार के लिए पेश करने की तैयारी कर रही है। कारएंडबाइक के अनुसार, फॉक्सवैगन की इस नई एसयूवी की इसी साल दिसंबर में भारत में बिक्री शुरू होनी थी। लेकिन जर्मन ब्रांड कंपनी ने किन्हीं कारणों से इसकी लॉन्चिंग ही दो महीने के लिए टाल दी।
Volkswagen लॉन्च करेगी नई एसयूवी T-Roc, Kia की सेल्टॉस को देगी टक्कर
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फॉक्सवैगन टी-आरओसी को मध्यम आकार के एसयूवी सेगमेंट में लॉन्च किया जाएगा। जो कि जीप कंपास, किआ सेल्टॉस, एमजी हेक्टर और हुंडई क्रेटा के साथ टक्कर लेगी। हालांकि टी-आरओसी को भारत में एक सीबीयू (कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट) के रूप में शुरू में आयात किया जाएगा और इसलिए देश में वॉल्यूम की बिक्री नहीं होगी।
कंपनी टी-आरओसी एसयूवी को भारतीय बाजार में आयात करने के लिए सरकार के संशोधित होमोलॉगेशन नियम का उपयोग करेगी। सरकार वर्तमान में बिना किसी होमोलॉगेशन की आवश्यकता के हर कंपनी को 2500 कारों को सालाना आयात करने की अनुमति देती है।
उम्मीद की जा रही है कि कंपनी जून-2020 तक भारतीय बाजार में स्थानीय जरूरतों के मुताबिक टी-आरओसी का संस्करण लॉन्च करेगी। नए भारी स्थानीयकृत मॉडल में विशेष रूप से भारत में बनाया गया 1.0-लीटर टीएसआई पेट्रोल क्षमता वाला नया इंजन भी होगा।
हालांकि शुरूआत में कंपनी कार का जो आयातित मॉडल 2020 के ऑटो एक्सपो में पेश करेगी, उसमें 1.5 लीटर के बड़े टर्बोचार्ज्ड टीएसआई पेट्रोल इंजन होगा। यह इंजन सात गुना गति वाला होगा।
एक बार भारत में लॉन्च होने के बाद, फॉक्सवैगन टी-आरओसी का पूर्व विकसित संस्करण बाजार में उपलब्ध होगा। यह भारत में ब्रांड के बहुत ही आकर्षक प्रीमियम उत्पाद के तौर पर पेश किया जाएगा।
फॉक्सवैगन टी-आरओसी एसयूवी कंपनी के 'इंडिया 2.0 प्रोजेक्ट' का भी हिस्सा है। इसके तहत, कंपनी भारतीय बाजार में नए उत्पादों का पेश करेगी, जिसके साथ स्कोडा के परिचालन का प्रभार भी लेगी।
बता दें कि भारत में, स्कोडा और फॉक्सवैगन दोनों पहले से ही एक एकल इकाई बनाने के लिए स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के तौर पर साझेदारी कर चुके हैं।
दोनों कंपनियों के इस विलय से भारतीय बाजार में और अधिक प्रभावी तरीके से काम करेंगी, इसका लक्ष्य 2025 तक भारतीय बाजार में एक अहम हिस्सेदारी हासिल करना है।