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वाहन मालिक सावधान: 15 साल से पुरानी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को रिन्यू कराना, फिटनेस टेस्ट होगा महंगा, जानें अप्रैल से लगेगी कितनी फीस
Mon, 14 Mar 2022 05:40 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 14 Mar 2022 05:40 PM IST
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national vehicle policy
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अप्रैल के महीने से 15 वर्ष से ज्यादा पुराने वाहनों का दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की लागत मौजूदा दर से आठ गुना ज्यादा होगी। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को छोड़कर पूरे देश में लागू होगा, जहां पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों को क्रमशः 15 और 10 वर्षों के बाद अपंजीकृत माना जाता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है जिसमें यह जानकारी दी गई है।
पुराने वाहन
- फोटो : अमर उजाला
देने होंगे इतने रूपये
एक अप्रैल से 15 वर्ष पूरा कर चुके सभी कारों के पंजीकरण को रिन्यू (नवीनीकृत) करने के लिए 5,000 रुपये की कीमत का भुगतान करना होगा। जबकि मौजूदा दर 600 रुपये है। दोपहिया वाहनों को रिन्यू कराने के लिए 300 रुपये के बजाय 1,000 रुपये तक बढ़ जाएगी। जबकि आयातित कारों को रिन्यू कराने की कीमत 15,000 रुपये के बजाय 40,000 रुपये होगी।
एक अप्रैल से 15 वर्ष पूरा कर चुके सभी कारों के पंजीकरण को रिन्यू (नवीनीकृत) करने के लिए 5,000 रुपये की कीमत का भुगतान करना होगा। जबकि मौजूदा दर 600 रुपये है। दोपहिया वाहनों को रिन्यू कराने के लिए 300 रुपये के बजाय 1,000 रुपये तक बढ़ जाएगी। जबकि आयातित कारों को रिन्यू कराने की कीमत 15,000 रुपये के बजाय 40,000 रुपये होगी।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
इतना लगेगा जुर्माना
यदि कोई वाहन मालिक निजी वाहनों के पंजीकरण के नवीनीकरण में देरी करता है, तो हर महीने 300 रुपये की अतिरिक्त लागत का भुगतान करना होगा। वहीं कमर्शियल वाहनों के लिए जुर्माना राशि हर महीने 500 रुपये होगी। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए नियम में यह भी कहा गया है कि 15 साल से पुराने निजी वाहनों को हर पांच साल में नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
यदि कोई वाहन मालिक निजी वाहनों के पंजीकरण के नवीनीकरण में देरी करता है, तो हर महीने 300 रुपये की अतिरिक्त लागत का भुगतान करना होगा। वहीं कमर्शियल वाहनों के लिए जुर्माना राशि हर महीने 500 रुपये होगी। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए नियम में यह भी कहा गया है कि 15 साल से पुराने निजी वाहनों को हर पांच साल में नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
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Car Pollution
- फोटो : For Reference Only
फिटनेस टेस्ट के लिए भी लगेंगे ज्यादा पैसे
मंत्रालय ने यह भी बताया है कि पुराने परिवहन और कमर्शियल वाहनों के फिटनेस टेस्ट की लागत भी अप्रैल से बढ़ने वाली है। टैक्सियों के लिए मौजूदा 1,000 रुपये के बजाय 7,000 रुपये का शुल्क लिया जाएगा, और बसों और ट्रकों के लिए 1,500 रुपये के बजाय 12,500 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। कमर्शियल वाहनों के आठ साल से ज्यादा पुराने होने के बाद उनके पास फिटनेस सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।
मंत्रालय ने यह भी बताया है कि पुराने परिवहन और कमर्शियल वाहनों के फिटनेस टेस्ट की लागत भी अप्रैल से बढ़ने वाली है। टैक्सियों के लिए मौजूदा 1,000 रुपये के बजाय 7,000 रुपये का शुल्क लिया जाएगा, और बसों और ट्रकों के लिए 1,500 रुपये के बजाय 12,500 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। कमर्शियल वाहनों के आठ साल से ज्यादा पुराने होने के बाद उनके पास फिटनेस सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।
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- फोटो : शुभम बंसल
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
अनुपालन शुल्क बढ़ाने का सरकार का कदम इस उम्मीद पर आधारित है कि देश में वाहन मालिक अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप करना और मॉडरन, नए खरीदना पसंद करेंगे जो कम प्रदूषण वाले हों क्योंकि वायु प्रदूषण यहां एक गंभीर समस्या है। दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के गंभीर मुद्दे से निपटने के लिए, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के साल 2015 और सुप्रीम कोर्ट के साल 2018 के आदेश में कहा गया है कि 10 साल से ज्यादा पुराना कोई भी पंजीकृत डीजल वाहन और 15 साल से अधिक पुराना पेट्रोल वाहन यहां नहीं चलाए जा सकते हैं।
अनुपालन शुल्क बढ़ाने का सरकार का कदम इस उम्मीद पर आधारित है कि देश में वाहन मालिक अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप करना और मॉडरन, नए खरीदना पसंद करेंगे जो कम प्रदूषण वाले हों क्योंकि वायु प्रदूषण यहां एक गंभीर समस्या है। दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के गंभीर मुद्दे से निपटने के लिए, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के साल 2015 और सुप्रीम कोर्ट के साल 2018 के आदेश में कहा गया है कि 10 साल से ज्यादा पुराना कोई भी पंजीकृत डीजल वाहन और 15 साल से अधिक पुराना पेट्रोल वाहन यहां नहीं चलाए जा सकते हैं।