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Tesla in India: टेस्ला ने शायद रद्द कर दी अपनी सस्ती कार की योजना, भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?
Mon, 08 Apr 2024 05:29 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 08 Apr 2024 05:29 PM IST
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Tesla Model 3
- फोटो : Social Media
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टेस्ला की भारत में एंट्री को लेकर सबसे बड़ा सवाल है कि यह "कब" होगा। कंपनी ने कथित तौर पर यहां मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए जगह की तलाश करने के लिए अधिकारियों को भेजा है। और यह पता चला है कि उसने पहले ही अपने जर्मन कारखाने में राइट-हैंड-ड्राइव इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण शुरू कर दिया है। लेकिन जबकि यह लगभग निश्चित है कि टेस्ला मॉडल 3 यहां पेश किया जाने वाला पहला इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) होगा। लेकिन ऐसा हो सकता है कि कंपनी एक ऐसी किफायती कार की योजनाओं से पीछे हट गई हो, जो कंपनी के अन्य कहीं भी बेचे जाने वाली कार की तुलना में कहीं ज्यादा सस्ती हो सकती थी।
Tesla Model 3
- फोटो : Tesla
इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट ने तीन सूत्रों का हवाला दिया है, जिन्होंने दावा किया है कि उन्होंने कंपनी के संदेश देखे हैं। यह रिपोर्ट बताती है कि टेस्ला ने एक ईवी की अपनी योजना को छोड़ दिया है जो मॉडल 3 से ज्यादा किफायती है। मॉडल 3 इस समय टेस्ला की सबसे किफायती पेशकश है। टेस्ला दुनिया भर में बहुत लोकप्रिय है। लेकिन ज्यादातर बाजारों में जहां यह मौजूद है, इसकी ईवी की कीमत आम जनता के बजट के बाहर है। मॉडल 3 की कीमत अमेरिका में 40,000 डॉलर (लगभग 33 लाख रुपये) से शुरू होती है। वहीं निसान लीफ (शुरुआती कीमत 29,280 डॉलर), मिनी कूपर एसई (शुरुआत कीम 31,895 डॉलर) और ह्यूंदै कोना (शुरुआती कीमत 34,050 डॉलर) जैसी कारें कई लोगों द्वारा तुलनात्मक रूप से वैल्यू फॉर मनी माने जाते हैं। दुनिया के सबसे बड़े ईवी बाजार चीन में, चुनौतियां बढ़ गई हैं। क्योंकि यहां स्थानीय खिलाड़ी अपने उत्पादों की कीमत के साथ बेहद आक्रामक हैं। यानी अपनी ईवी सस्ते में बेचते हैं।
Tesla Model 3
- फोटो : Tesla
टेस्ला के चाहने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। लेकिन कंपनी 2030 तक दुनिया भर में 20 मिलियन (दो करोड़) कारों को बेचने का भी एक बड़ा सपना लेकर चल रही है। और जबकि इसकी पेशकश कई मॉडलों की तुलना में ज्यादा दमदार हो सकती है। लेकिन ईवी को आम जनता तक पहुंचाने में इसकी कीमत बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने खुद कहा था कि वह लगभग 25,000 डॉलर के आसपास तक की कीमत में एक टेस्ला ईवी चाहते हैं। यहां तक कि निवेशकों और संभावित भविष्य के ग्राहकों को यह भी बताते हैं कि 2025 के आखिर तक एक 'मॉडल 2' की पेशकश की जा सकती है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट के सूत्रों के अनुसार, ऐसा नहीं हो रहा है। क्योंकि मस्क चाहते हैं कि कंपनी की ताकत रोबोटैक्स को विकसित करने में लगे।
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Tesla Model 3
- फोटो : Facebook/Automobili Ardent
टेस्ला की निगाहें भारतीय बाजार पर नजर है। लेकिन वह यहां क्या ले आ रही है?
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी जगह कोई आसान राह नहीं है। यह देश अब चीन और अमेरिका के बाद तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार हो सकता है। लेकिन यह जमीन से लेकर ग्राहकों की पसंद तक जैसे कई चीजों के मामले में भी काफी अलग है। और अगर टेस्ला आखिरकार बिक्री संख्या का लक्ष्य लेकर चल रही है, तो मॉडल 3 की बदौलत इसे हासिल कर पाना संभव नहीं है। भले ही इसे भविष्य में किसी समय पर स्थानीय रूप से असेंबल किया जाए।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी जगह कोई आसान राह नहीं है। यह देश अब चीन और अमेरिका के बाद तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार हो सकता है। लेकिन यह जमीन से लेकर ग्राहकों की पसंद तक जैसे कई चीजों के मामले में भी काफी अलग है। और अगर टेस्ला आखिरकार बिक्री संख्या का लक्ष्य लेकर चल रही है, तो मॉडल 3 की बदौलत इसे हासिल कर पाना संभव नहीं है। भले ही इसे भविष्य में किसी समय पर स्थानीय रूप से असेंबल किया जाए।
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Tesla Model 3
- फोटो : Tesla
टेस्ला शुरू में इंपोर्ट रूट के जरिए अपने ईवी लाएगा। अगर कोई कंपनी कुछ शर्तों का पालन करती है, तो भारत सरकार का हालिया आयात शुल्क कम करने का फैसला मदद करेगा। लेकिन एक छोटी बैटरी, कम रेंज और ज्यादा आकर्षक कीमत वाली ईवी न सिर्फ भारत में बल्कि कई उभरते हुए बाजारों में टेस्ला का काम आसान कर सकती थी, जहां यह फिलहाल मौजूद नहीं है।