सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड के महेशुआ वार्ड-16 निवासी विष्णु देव यादव के बेटे कुमोद कुमार ने साल 2019 में मधेपुरा जिले के महेशुआ निवासी चंदा कुमारी से प्रेम विवाह किया था। प्रेमी जोड़ा शादी के बंधन में बंधने के बाद काफी खुशहाल जीवन बिता रहा था। दोनों त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत लतौना वार्ड-15 में किराए के मकान में रहते थे। कुमोद पिपरा बाजार स्थित अपने बहनोई के आधार सेंटर पर काम करता था। लेकिन तीन साल पहले पति-पत्नी के बीच 'वो' की एंट्री हुई और तनाव के बीच पांच मार्च 2025 को कुमोद ने अपनी जीवन लीला खत्म कर ली।
Extramarital Affair: पति-पत्नी के बीच ‘वो’ की एंट्री; फिर जो हुआ… जानकर दहल जाएगा दिल
Bihar News: पांच साल पहले कुमोद ने चंदा से प्रेम विवाह किया था। तीन साल से चंदा का एक दूसरे समुदाय के लड़के से इश्क चल रहा था, जिससे परेशान कुमोद ने अपनी जीवन लीला खत्म कर ली। पढ़ें पूरी खबर...।
‘मैं तुमसे बेहद प्यार करता हूं, जहां भी रहो, खुश रहो’
मृतक कुमोद कुमार के पास से मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि माय डियर वाइफ चंदा, मैंने आपसे बहुत प्यार किया था। लेकिन आपको किसी लड़के ने अपने बहकावे में लाकर कुछ खिला कर मन को मोह लिया है, जिसके कारण आप उसके बिना एक पल नहीं रह पा रही हैं। उस लड़के का नाम मजेबुल हायात है, जिसका घर महेशुआ मधेपुरा जिले में है। आप उसके साथ जाओ, मुझे कोई परेशानी नहीं है। लेकिन मैं आपसे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं, जिसे मैं कभी भुला नहीं पा रहा हूं। इसके कारण आज दिनांक पांच मार्च 2025 को खुदकुशी कर रहा हूं।
‘आप हमेशा खुश रहना’
कुमोद कुमार ने दो पन्नों के सुसाइड नोट में आगे लिखा कि मैं चाहता हूं कि आप जहां कहीं भी किसी भी लड़के के साथ रहोगे, आप हमेशा खुश रहना। मैं ईश्वर से दुआ करता हूं कि आप खुश रहो, जहां भी रहो। आपको कोई भी पुलिस प्रशासन तंग नहीं करेंगे और मैं प्रशासन से विनती करता हूं कि आप मेरी प्यारी पत्नी चंदा कुमारी को कभी भी किसी प्रकार का दवाब न करें।
कुमोद चंदा के प्रति प्यार जताते हुए लिखा कि कभी भी कोई दिक्कत हो तो मुझे जरूर याद करना। आप जहां भी रहो खुश रहो। मैं ईश्वर से यही दुआ-प्रार्थना करता हूं। बारंबार। अलविदा चंदा। मैं आपसे बहुत दूर जा रहा हूं, आपकी खुशी के लिए।
सुसाइड नोट पर कुमोद ने कासीमपुर निवासी राम कुमार के पास 35 हजार रुपये बकाया होने की बात भी कही है। साथ ही अपील की है कि चंदा वह पैसे ले ले, जिससे उसकी कुछ आर्थिक मदद हो जाएगी। इसके अलावा नोट के ऊपरी हिस्से पर कुमोद ने यह अंतिम इच्छा जताई है कि उसकी पत्नी चंदा को कोई कष्ट न दे।
जब कुमोद ने लगाया फंदा, कमरे में मौजूद थी पत्नी
इधर, कुमोद की मौत के बाबत पुलिस हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। बड़ी बात यह है कि जिस वक्त कुमोद फंदे से लटक रहा था, उस वक्त पत्नी चंदा भी कमरे में मौजूद थी। कुमोद की मौत के बाद उसने कमरे के अंदर से शोर मचाना शुरू किया। हालांकि कमरे का दरवाजा नहीं खोला। शोर सुन कर स्थानीय लोगों ने दरवाजा तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। यही वजह है कि कुमोद के परिजन चंदा पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि चंदा ने कुमोद के साथ विवाह से पहले भी दो-दो शादी रचाई थी। हालांकि हत्या से जुड़े आरोपों पर चंदा की दलील है कि घटना के वक्त वह शौचालय गई थी। जब कमरे में आई तो कुमोद ने खुद को फंदे से लटका लिया था। हालांकि त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।