Bihar: 'नया CM आते ही बिहार में खत्म होगी शराबबंदी', सहरसा में प्रशांत किशोर के दावों से मचा हड़कंप
Bihar: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सहरसा में नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए और दावा किया कि बिहार आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जबकि आने वाला नया मुख्यमंत्री शराबबंदी खत्म कर सकता है।
विस्तार
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शनिवार को सहरसा में नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला। जन सुराज के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में पीके ने बिहार की राजनीति, अर्थव्यवस्था और आगामी पंचायत चुनावों को लेकर कई बड़े दावे किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुराज बिहार को बदलने के अपने संकल्प से पीछे हटने वाला नहीं है।
वोट के लिए हुआ नीतीश के चेहरे का इस्तेमाल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव की घोषणा से पहले ही उन्होंने भविष्यवाणी कर दी थी कि नीतीश कुमार ज्यादा दिन मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। पीके ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे मुख्यमंत्री बने रहें। भाजपा और जदयू के नेताओं ने महज वोट बटोरने के लिए उनका चेहरा आगे किया। मौजूदा सरकार के 202 विधायकों के समर्थन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह शुद्ध बहुमत नहीं है, बल्कि खातों में 10 हजार रुपये भेजकर खरीदा गया बहुमत है।
चालू होगी शराब
प्रशांत किशोर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब जो भी नया मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठेगा, उसकी प्राथमिकता बिहार का विकास नहीं बल्कि गुजरात का विकास होगी। पीके ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि बिहार इस वक्त भयंकर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। वोट खरीदने के लिए जनता के ही 30,000 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए हैं। हालत यह है कि लोगों और ठेकेदारों को उनका भुगतान नहीं मिल पा रहा है। इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए आने वाला मुख्यमंत्री बिहार में शराबबंदी खत्म कर शराब की दुकानें खुलवा सकता है।
कागजों पर नहीं, जमीन पर बनेगी कार्यकारिणी
इससे पहले प्रशांत किशोर ने एक होटल में बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत जिला संगठन की बैठक की। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला कार्यकारिणी केवल कागजों पर नहीं बनेगी, बल्कि वह स्वयं सहरसा में उपस्थित रहकर इसे मूर्त रूप देंगे।
ये भी पढ़ें: नदी में युवती ने लगाई छलांग, देवदूत बनकर आए टोटो चालक ने बचाई जान; तमाशबीन बने रहे लोग
जन सुराज का आगे का रोडमैप
अप्रैल से जून तक जिले का पूरा संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाएगा। ब्लॉक से पंचायत स्तर तक कमेटियों को मजबूत करने पर जोर रहेगा। इसके साथ ही जुलाई से सितंबर तक पूरे राज्य में जन सुराज की ओर से तीन महीने का सघन सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। वहीं अक्टूबर से दिसंबर तक सर्वसम्मति बनने के बाद आगामी पंचायत चुनावों में जन सुराज की भागीदारी तय की जाएगी और रणनीति बनाई जाएगी। प्रशांत किशोर ने एलान किया कि नई सरकार के छह महीने पूरे होने के बाद बिहार के नवनिर्माण के लिए एक राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार सुधर नहीं जाता, जन सुराज का यह संघर्ष जारी रहेगा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.